फोटो 08सीकेटीपी 20 मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत करते आयोजक। स्रोत: पदाधिकारी
चित्रकूट/खोही। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के वैशिष्ट्य पर विचार रखे। कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार ज्ञान, कौशल और जीवन मूल्यों की समृद्ध परंपरा है।
वे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर एवं सम्मेलन के शुभारंभ पर बोल रहे थे। आरोग्यधाम गेस्ट हाउस में मंत्री परमार ने भारतीय समाज में निहित गुण, कौशल और सेवा भावना को राष्ट्रनिर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। साथ ही छात्रों को सामुदायिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित भी करता है।
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे व कुलसचिव प्रो. आंजनेय पांडेय ने उच्च शिक्षा मंत्री परमार को बुके देकर स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य एनएसएस अधिकारी मनोज अग्निहोत्री, अतिरिक्त संचालक (उच्च शिक्षा) डॉ. आरपी सिंह, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. भरत व्यास, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, समाजसेवी विनीता जायसवाल, आरोग्यधाम के महाप्रबंधक डॉ. अनिल जायसवाल, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अपराजित शुक्ला, सहायक कुलसचिव नीलकमल कुमावत, कुलगुरु के निजी सहायक संजय कुमार त्रिपाठी, डॉ. अश्विनी अवस्थी, निखिल मिश्रा समेत अन्य उपस्थित रहे।