चित्रकूट। आने वाले दिनों में शीतलहर बढ़ने से रबी की फसलों पर भी इसका असर पड़ेगा। संभावना जताई जा रही है कि कोहरा पड़ने से फसल की पैदवार में कमी आएगी। इसके लिए किसानों को फसल बचाने के लिए पहले से ही इंतजाम कर लेना चाहिए। किसानों को फसल में हल्की सिंचाई करते रहने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी व मनोज शर्मा ने बताया कि शीतलहर व कोहरा पड़ने से रबी की फसल गेहूं चना, मटर, मसूर व सरसों की फसल नुकसान होता है। पाला से पड़ने से फसलों की वृद्धि नहीं होती है। पत्तियों पर सफेद धब्बे बन जाते हैं। पत्तियों सूख कर झुलस जाती हैं। जिससे उनमें कला रतुआ सफेद पछेती तुषार आदि रोग उत्पन्न होते हैं।
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किसानों को क्या करना चाहिए
चित्रकूट। फसलाें की मिट्टी को सूखा नहीं रहने दें सूखी मिट्टी जल्द ठंडी होती है। इससे पौधे ठंड से अधिक प्रभावित होते हैं। सुबह के बजाय दोपहर को पौधों की छटाई करें। अधिक खाद व नाइट्रोजन न डालें। ठंड पड़ने से पौधों को नुकसान होता है। हवा चलते समय धुआं नहीं करे। पौधों में होने वाली बीमारी से बचाव के लिए रसायन काॅपर ऑक्सी क्लोराइड, फॉस्फोरस और पोटेशियम का छिड़काव करें।