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अस्पताल के शौचालय में प्रसव

Tue, 04 Oct 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
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जिला अस्पताल के प्रसूता कक्ष के बाहर रास्ते पर नवजात को गोद में लेकर बैठी महिला। - फोटो : amarujala
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जिला अस्पताल में एक बार फिर जननी सुरक्षा योजना की पोल खुल गई। रविवार को जिला अस्पताल में दर्द के कराहती एक प्रसूता को भर्ती किया गया। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता के परिजनों से दस हजार रुपये की मांग की और पैसा न देने पर उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। 
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प्रसूता ने वार्ड के बाहर बने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया और इसके बाद अस्पताल में ही नवजात को लेकर बैठी रही। जानकारी होने पर सीएमओ व सीएमएस मौके पर पहुंचे और जच्चा-बच्चा को वार्ड में भर्ती कराया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए इस गंभीर मामला माना है। लापरवाह स्टाफ पर कार्रवाई की बात कही है।

बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के घाटाकोलन की प्रसूता प्रीति देवी (25) पत्नी रामनरेश कोल को जिला चिकित्सालय मेें रविवार दोपहर करीब तीन बजे भर्ती कराया गया। पति रामनरेश ने आरोप लगाया कि शाम करीब सात बजे प्रसव कक्ष में मौजूद स्टाफ ने बताया कि बच्चा फंस गया है।
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इसे बाहर लेकर जाना होगा। ऐसा नहीं कर सकते तो दस हजार रुपये जमा कर दो। पैसा न होने की बात कहने पर नाराज स्टाफ ने अभद्रता करते हुए प्रसूता को उसी दशा में वार्ड से बाहर निकाल दिया। इसके बाद प्रसूता के परिवार की महिलाओं ने अस्पताल के बाहर बने शौचालय में ले जाकर प्रसव कराया।

सोमवार की सुबह इसकी जानकारी होने पर सीएमओ डा. रामजी पांडेय और सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने मौके पर आकर पूरी स्थिति की जानकारी ली। मौजूद स्टाफ से भी बातचीत के बाद रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान प्रसूता के पति ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने उनके परिवार की एक महिला से कागजात व एक हजार रुपये छीन लिए हैं।

इस मामलेे को लेकर जिला पंचायत सदस्य अनिल प्रधान ने डीएम को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। जिला पंचायत सदस्य भी घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे औरअस्पताल के स्टाफ पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। मरीजों का सही इलाज न करने और धन उगाही के आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

मांगी है जानकारी, होगी पूछताछ
सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि प्रसूता को भगाने और उनके परिजनोें से पैसे मांगने की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। सीएमएस से ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के बारे में जानकारी मांगी गई है। संबंधित स्टाफ के बयान के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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