पन्ना से भाग कर आई शेरनी को ढूंढने में अधिकारी अगर
नाकाम रहे तो पूरी संभावना है कि उसे रानीपुर वन्य जीव विहार को ही सौंप
दिया जाएगा। अब तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। गुरुवार को भी दिन भर
पन्ना व चित्रकूट के अधिकारी उसकी टोह लेते रहे।
लगभग एक सप्ताह से
पन्ना टाइगर्स प्रोजेक्ट से भाग कर आई शेरनी की तलाश दो प्रशिक्षित हाथी
समेत प्रशिक्षित अधिकारी व वन विभाग के पुलिस कर्मी कर रहें हैं।
उसके गले
में पडे़ ट्रांसमिशन से लगातार मिल रही लोकेशन के आधार पर उसे रानीपुर के
जंगल में एक तालाब के पास पाया गया। अंधेरा होने के कारण वहां तक वनकर्मी
नहीं पहुंच सके।
पन्ना टाइगर्स प्रोजेक्ट के निदेशक आलोक कुमार ने बताया
कि शेरनी के लापता होने की जानकारी दिल्ली तक हो चुकी है। प्रधानमंत्री की
अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय बाघ सरंक्षण प्राधिकरण कमेटी की बैठक में अमर
उजाला की खबर को संज्ञान में लिया गया।
जिसमें उसका जल्द पता लगाने पर जोर
दिया गया है। पूरी संभावना है कि यदि जल्द शेरनी का पता नहीं चला तो उसे
रानीपुर वन्य जीव विहार के हवाले ही कर दिया जाएगा।