अंतिम संस्कार में मौजूद ग्रामीण।
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चित्रकूट/शिवरामपुर। भरतकूप थाना क्षेत्र के गोबारिया बुजुर्ग गांव में मायके जाने की जिद कर रही पूर्व प्रधान पत्नी को पति ने डांट दिया। इससे आहत होकर पत्नी ने रविवार को घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इसकी जानकारी होने पर पति ने जंगल में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी।
गोबारिया बुजुर्ग गांव निवासी यदुराज यादव ने बताया कि रविवार की सुबह बड़े भाई रामजनक यादव (54) और भाभी राजपति देवी (50) के बीच किसी बात पर विवाद हो गया था। भाभी मायके जाने की जिद कर खर्च के लिए रुपये मांग रही थीं। भैया ने भाभी को डांट दिया और बाइक लेकर घर से बाहर चले गए।
आहत भाभी मवेशीबाड़े में गईं और रस्सी से फंदा लगा लिया। काफी देर तक घर नहीं लौटीं तो बहू पूजा मवेशीबाड़ा में गई। वहां पर भाभी को फंदा से लटका देखा तो शोर मचाया। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और भाभी को फंदे से नीचे उतारा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। भाभी की मौत के बाद भाई की खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका पता नहीं चला।
सोमवार की सुबह आठ बजे पता चला कि भाई ने गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के नयागांव के सती अनुसुइया मोड़ के पास जंगल में पेड़ पर गमछा से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। बताया कि भाभी वर्ष 2010 से 2015 तक गांव की प्रधान रहीं थीं। रामजनक तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके दो बेटे पंकज और अंकज हैं। एक बेटी प्रीति की शादी हो चुकी है। घटना के समय पंकज पशु चराने जंगल की ओर गया था और अंकज जानकीकुंड में रहकर पढ़ाई करता है।
सीओ राजकमल ने बताया कि रविवार की शाम को सूचना मिली कि राजपति ने फंदा लगा कर आत्महत्या की है। इसकी जानकारी होने पर उसके पति ने भी जंगल में फंदा लगा लिया। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।