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Chitrakoot News: बिना विशेषज्ञ के कैसे बढ़े पेंशन घोटाले की जांच की रफ्तार

Thu, 27 Nov 2025 11:07 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। कोषागार में हुए पेंशन घोटाले की जांच की गति बेहद धीमी है। इसके पीछे वजह यह है कि आर्थिक घोटाले की जांच के लिए एसआईटी ने अर्थ, तकनीकी विशेषज्ञ मांगे थे। बावजूद इसके उसे अभी तक ये विशेषज्ञ मिल नहीं पाए हैं। ऐसे में इसकी जांच को रफ्तार देने में विशेषज्ञों की कमी अखर रही है। अब जांच टीम को समझ में यह नहीं आ रहा है कि वो इस घोटाले की जांच को बिना विशेषज्ञों के कैसे आगे बढ़ाएं और कैसे उसे पूरा करे।
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अक्तूबर माह में जिला कोषागार में 143.13 करोड़ से ज्यादा का पेंशन घोटाला उजागर हुआ था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसपी ने 17 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की थी। बाद में एसआईटी टीम ने इस घोटाले की जांच आगे बढ़ाई तो जांच में इस घोटाले में कोषागार के अफसर-कर्मियों और बिचौलियों के गठजोड़ सामने आया। आर्थिक घोटाला की विवेचना होने की वजह से एसआईटी ने अर्थ व वित्त एवं आईटी विशेषज्ञों की मांग की थी। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर से पत्र भी भेजा था लेकिन अभी तक एसआईटी को मांगे गए विशेषज्ञ मिल नहीं पाए हैं। जबकि विशेषज्ञ मिलने के इंतजार में एसआईटी कोषागार विभाग से लेखाकार बुलाकर किसी तरह जांच करने में जुटी है। घोटाले की जांच होने से कोषागार से बुलाए जाने वाले लेखाकार एसआईटी के सवाल-जवाब देने से कतराते रहते हैं। यही नहीं उन्हें जांच में देर रात तक वहां पर रुकना भी पड़ता है। इससे उनका सुख चैन भी छीन गया है। ऐसे में वो एसआईटी के सामने से बचने की फिराक में रहते हैं। इससे जांच को गति नहीं मिल रही है।
जांच टीम के अनुसार यह कोई साधारण मामले की जांच नहीं है। यह आर्थिक घोटाले की जांच है। ये घोटाला पेंशन साफ्टवेयर के जरिए हुआ है, इसलिए इसकी जांच करना आसान नहीं है। जांच में एसआईटी को कई विशेषज्ञों की मदद जरूरी है।
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