चित्रकूट/मऊ। बरगढ़ के पास हाईवे पर दर्दनाक हादसे के बाद शव रखकर जाम लगाना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया है। जांच के बाद 18 नामजद व 40- 50 अज्ञात के खिलाफ सरकारी वाहन में तोड़फोड़, अभद्रता व हाईवे पर जाम लगाने की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा एसपी ने इलाकाई पुलिस की भूमिका की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। जिसकी जांच सीओ को सौंपी है। इस रिपोर्ट में कई मृतकों के परिजन और कई महिलाएं भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को बरगढ़ थानाक्षेत्र सुचेता कालोनी के पास डंपर टेंपो की टक्कर में नौ लोगों की मौत हुई थी। जिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शव हाइवे पर रखकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जाम लगाया था। लगभग चार घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस वाहन में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने के आरोप लगे थे। इसी मामले में बुधवार को बरगढ़ थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल ने बरगढ़ के आसपास के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि गडरियनपुरवा निवासी अनिल सिंह, शिवबदन,सुनीता, रामकली, भइयालाल, दिनेश कुमार, भकंदा, उमेश, ओबरी निवासी विशाल, कुशवाहा पुरवा कचरा निवासी इंद्रजीत, सुचेता कालोनी निवासी सुमत्री, सुशीला, शिव बाबू, मुर्का निवासी लवकुश, चंद्रबली, हिमांशू, आशीष व संदीप मिश्रा के अलावा 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, बरगढ़ हादसे में डंपर चालक सरैंया निवासी विनोद यादव को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया।
पुलिस भूमिका की जांच
चित्रकूट। हाइवे पर हादसे के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर ओवरलोड व बडे़ वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने, बाजार में कुछ स्थानों पर शराब बिकवाने और वसूली के आरोप लगाए थे। जिस पर एसपी मनोज झा ने जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि इसकी जांच सीओ मऊ को सौंपी गई है। जो बरगढ़ व मऊ पुलिस की इस हादसे के अलावा क्षेत्र की अन्य शिकायतों की जांच करेंगे। इस दौरान यह भी उल्लेखनीय होगा कि एसपी के पहले के आदेशों पर थाना पुलिस ने कितना काम किया है। पहले के आदेश में ओवरलोड व अवैध खनन सामग्री लेकर तेज गति से जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करनी थी।