फोटो न- 02 सीकेटीपी 07 लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड परिसर में सूख रहा रोपा पौधा। संवाद
चित्रकूट। गर्मी के बढ़ते प्रकोप ने पिछले बरसात में लगाए गए लाखों पौधों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। सरकारी कार्यालयों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर रोपे गए हजारों पौधे सिंचाई व रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। अत्यधिक तापमान और लू के थपेड़ों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
पिछले बरसात के दौरान चित्रकूट जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था। इसका उद्देश्य जिले को हरा-भरा बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। राष्ट्रीय राजमार्ग, मिशन सड़क, कसहाई सड़क सहित कई प्रमुख सड़कों के किनारे पौधे लगाए गए थे। इन पौधों की सुरक्षा के लिए जालियां भी लगाई गई थीं। हालांकि, बरसात के बाद इनके रखरखाव और नियमित सिंचाई पर ध्यान नहीं दिया गया। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग कार्यालयों के पौधे भी गर्मी का शिकार हुए हैं। कई जगहों पर पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं।
जिम्मेदारों की प्रतिक्रिया
किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रुद्र प्रसाद मिश्र ने वृक्षारोपण में आंकड़ों की बाजीगरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लाखों पौधे लगाने का रिकॉर्ड तो बनता है, पर देखभाल नहीं होती। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने भी सिंचाई व रखरखाव पर आवाज उठाने की बात कही। अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने विभागीय अधिकारियों को पौधों की तत्काल सिंचाई कराने के निर्देश दिए हैं।
फोटो न- 02 सीकेटीपी 07 लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड परिसर में सूख रहा रोपा पौधा। संवाद
फोटो न- 02 सीकेटीपी 07 लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड परिसर में सूख रहा रोपा पौधा। संवाद