फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: संस्कृत पढ़ने गया था काशी, बन गया हत्यारा

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। संस्कृत की पढ़ाई करने काशी गया मानिकपुर का विनय हत्यारा बन गया। छत्तीसगढ़ के विलासपुर के चर्चित कांग्रेसी नेता व प्रापर्टी डीलर संजीव त्रिपाठी हत्याकांड में लगभग तीन साल बाद यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े विनय पर छत्तीसगढ़, नोएडा समेत वाराणसी के लंका थाने में हत्या, हत्या के प्रयास समेत 10 मुकदमे दर्ज हैं। उसके कारनामे से परिवार ही नहीं, गांव के लोग भी दुखी हैं।
विज्ञापन

प्रतिष्ठित भीमानंद परिवार से जुड़े विनय को जानने वाले बताते हैं कि उसका परिवार ऐसा नहीं है। अच्छी खेती किसानी से आर्थिक स्थिति ठीक है। एक भाई रेलवे में कार्यरत है, दूसरा भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। एक बहन की शादी हो चुकी है। चमरौहा निवासी पवन कुमार ने बताया कि विनय उनका तीसरे नंबर का बेटा है। वह बाबा रामनरेश के नजदीक था। गांव के कई युवक और उसके परिवार के कुछ लोग संस्कृत की पढ़ाई कर पूजा-पाठ का काम कराते हैं। कुछ शिक्षक भी हैं। ऐसे में विनय को भी बाबा के कहने पर वाराणसी में संस्कृत पढ़ने के लिए 2017 में भेजा था।
बताया कि विनय शुरू से पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन वाराणसी में संगत खराब हो गई। जानकारी होने पर 2021 में गांव लाने के लिए गए, लेकिन वह नहीं मिला। पता चला कि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके थे। इसके बाद नाराज परिजनों ने विनय से संपर्क बंद कर दिया। शनिवार को पता चला कि एसटीएफ ने उसे पकड़ा है।
विज्ञापन

गांव के कई लोगोंं ने बताया कि विनय शौकीन बहुत था। लक्जरी जीवन जीने की लालसा में वह गलत संगत में फंस गया। छत्तीसगढ़ में हत्या के मामले में वांछित था। उस पर इनाम घोषित था। कभी कभार वह गांव के कुछ लोगों से संपर्क करता था लेकिन तीन साल से यहां आया नहीं है। एसपी अरुण कुमार सिंंह ने बताया कि विनय को वाराणसी में पकड़ा है। उसके खिलाफ वाराणसी के लंका थाने में हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, मारपीट, गालीगलौज के सन 2018 व 2019 में मुकदमे दर्ज हैं। चित्रकूट में अभी इसके किसी मामले की जानकारी नहीं है।


सड़क पर बैरिकेडिंग लगाने से ताजियादारों में आक्रोश

संवाद न्यूज एजेंसी

चित्रकूट। मोहर्रम पर शहर के पुरानी बाजार में परंपरानुसार ताजिये निकलते हैं। इसके लिए शनिवार को ताजिए वाले रास्ते में प्रशासन ने आधी सड़क पर बैरिकेडिंग लगा दी। आधी सड़क से ही ताजिए निकालने की अनुमति दी गई। इस पर ताजिएदार नाराज हो गए। एलान किया कि ताजिए नहीं निकालेंगे। इसकी जानकारी होने पर डीआईजी राजेश एस चित्रकूट पहुंचे।
देर शाम को पुरानी बाजार चौक के पास डीआईजी एसपी व अपर एसपी के ताजिएदारों की बैठक जारी है। डीआईजी ने कहा कि हाईवे पर यातायात प्रभावित न हो और ताजिए का भी कार्यक्रम चलता रहे इसीलिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। पूरे मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इस पर ताजिएदारों ने कहा कि यह अन्याय है। पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। हमेशा पूरे मार्ग पर ताजिए निकलकर ढोल पीटे जाते रहे हैं। अब प्रशासन दबाव बनाकर नई परंपरा चालू कर रहे हैं। यह मंजूर नहीं है। ताजिएदार ताजिया न निकालने पर अड़े हैं। इसे लेकर समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें