मानिकपुर (चित्रकूट)। हाईटेंशन विद्युत लाइन में कटिया डालकर खेत के पास फैले करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से वन निगम कर्मी झुलस कर बेहोश हो गया था। खुद को बचने के लिए आरोपी शिकारियों ने कुल्हाड़ी से वनकर्मी पर कई वार कर मार डाला था। इसके बाद घने जंगल में शव को पत्थरों के बीच छिपा दिया था।
रविवार यह बात वन निगम के कर्मचारी अनूप सिंह की हत्या करने वाले पुलिस द्वारा पकड़े गए दो हत्यारोपियों ने स्वीकार किया। जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार व करंट लगाकर बिछाने वाले तार भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
मानिकपुर थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वन निगम के कर्मचारी अनूप सिंह पुत्र स्व बलवीर सिंह निवासी चुरेह केसरुआ की शिकारियों द्वारा जंगली जानवरों के शिकार करने के लिए ग्यारह हजार वोल्टेज की लाइन से कटिया लगाए थे। उसके छू जाने से वहीं बेहोश हो गये थे। शिकारियों में सोमनाथ व लखनलाल पुत्र भैरव कोल, बच्चू पुत्र हीरालाल कोल, राजेश पुत्र रामआसरे कोल, जीवा पुत्र बोधई कोल, नत्थू पुत्र श्याम कोल व संतोष पुत्र महेश कोल ने इस दहशत में कई कहीं बच गया तो सब फंस जाएंगे। यह सोच उन लोगों ने लंबे बेंत की हंसिया व कुल्हाड़ी से अनूप सिंह की हत्या कर प्लानटेशन की खखरी के पत्थरों में दबा दिया था। जिसे खून के निशान व अनूप के मोबाइल से लोकेशन ट्रेस कर ढूंढ लिया था।
रविवार की सुबह मुखबिर से मिली सूचना पर हत्यारोपी जीवा पुत्र बुधई व नत्थू पुत्र श्याम निवासी चुरह केसरुआ को रेलवे पुल के पास कहीं जाने के लिए सवारी गाड़ी का इंतजार करने के दौरान थाना प्रभारी केके मिश्रा, एसएसआई अशोक कुमार निगम, एसआई अनिल कुमार साहू ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर दबोच लिया है।
आरोपी गए जेल
चित्रकूट। हत्यारोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग की गयी हँसिया, दो किमी लम्बी तार, मोबाईल फोन, खून से लथपथ पत्थर बरामद हुए है। पकडे़ गए आरोपी जेल भेजे गए है।
सही निकली अमर उजाला की खबर
चित्रकूट। अमर उजाला ने शनिवार व रविवार के अंक में इस घटना को लेकर करंट लगने से झुलसे वनकर्मी अनूप सिंह की बाद में हत्या किए जाने की खबर छापी थी। रविवार पकड़े गए नामजद में दो ने माना है कि जंगली जानवर को पकड़ने के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाई थी। जैसे ही कोई करंट में फंसा तो वह सब मौके पर पहुंचे। सभी ने वनकर्मी अनूप को पहचान लिया था। उनका शरीर कुछ गर्म होने व कुछ देर बाद उनके मुंह से कुछ आवाज निकली तो सभी डर गए। यह जान गए कि यह बच गए तो वह सब ग्रामीण फंस जाएंगे। इसके बाद योजना बनाकर उन्हें कुछ दूर पत्थरों के पीछे ले जाकर कुल्हाड़ी व हंसिया से शरीर के कई अंगों पर वार कर मार डाला था। पहचान छिपाने के लिए उनके कपड़े भी उतार कर दूसरी जगह छिपाए थे। पुलिस ने यह कपडे़ भी बरामद किए हैं।