महाशिवरात्रि का पर्व पूरी आस्था और श्रद्धा से मनाया गया। सुबह से ही हर हर महादेव के जयकारे लगने लगे और देर रात तक शिवजी का जलाभिषेक, पूजन अर्चन चलता रहा। तीर्थक्षेत्र में महाराजाधिराज मत्यगयेंद्रनाथ का अभिषेक किया गया तो चर क े सोमनाथ मंदिर में विश्वकल्याण के लिए रुद्राभिषेक हुआ। शाम को शंकर जी की बारात में हजारों लोगों ने भाग लिया।
भगवान मत्यगयेंद्र नाथ के जलाभिषेक के लिए मध्यरात्रि से ही आस्थावानों की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान कर मत्यगयेंद्र नाथ का जलाभिषेक किया। अपराह्न लगभग चार बजे शिव बारात निकाली गई, जो रामघाट, पर्यटक तिराहा होते हुए पुराने सीतापुर से फिर मंदिर पहुंची।
इस दौरान शिव के जयकारे और हर हर महादेव की गूंज रही। चार प्रहर में महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें पुजारी विपिन बिहारी तिवारी, वेदभूषण तिवारी, उमाशंकर, गुलजारी लाल, प्रदीप तिवारी, अजीत सिंह, अंकित पहारिया, संजय सोनी, वीपी पटेल, धर्मेंद्र ओझा एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा पहाड़ी के पालेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों का मेला लगा। मंदिर कमेटी के शिवाकांत, रमाकांत पांडे, शैलेंद्र सिंह, केके मिश्रा, विजय सिंह, दिनेश सिंह आदि ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया। मऊ के रिसियन मंदिर, भरतकूप के मड़फा आदि के अलावा पूरे जिले के शिवालयों में देर रात तक आराधना हुई।