मौनी अमावस्या पर तीर्थक्षेत्र हर-हर गंगे और कामतानाथ भगवान के जयकारे से गूंज उठा। सोमवती अमावस्या भी होने के कारण सूर्योदय से पहले गुलाबी ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। मनौती पूरी होने की कामना लेकर श्रद्धालुओं ने कामदगिरी की परिक्रमा की। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मेला क्षेत्र का निरंतर निरीक्षण कर अधिकारियों से स्थिति के बोर में पूछते रहे।
माघ माह की सोमवमी अमावस्या पर सोमवार को श्रद्धालुओं का हुजूम रामघाट पर दिखाई पड़ा। मंदाकिनी में डुबकी लगाते ही घाट पर मां गंगे व कामतानाथ के जयकारे गूंजने लगे। लाखों श्रद्धालुओं ने मतगयेंद्रनाथ स्वामी का जलाभिषेक कर कामदगिरी की परिक्रमा की। यूपी व एमपी क्षेत्र से श्रद्धालुओं की भीड़ आती रही, ऐसे में प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम कम पड़ गए। श्रद्घालुओं की भीड़ इतनी थी कि आवागमन के साधन कम पड़ गए। ऐसे में श्रद्घालु ट्रेन व बस की छतों पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी किए।
जिलाधिकारी नीलम अहलावत व पुलिस अधीक्षक केके चौधरी सहित सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट मेला क्षेत्र की निगरानी करते रहे। रविवार की देर रात से ही मेला क्षेत्र में वनवे कर दिया गया था। सोमवार को शाम तक टेपों व बस से तीर्थक्षेत्र में यात्रियों को यहां से वहां ले जाया गया। भीड़ का सर्वाधिक दबाव रामघाट व कामदगिरी मुख्य द्वार पर रहा।
आदेशों का नहीं दिखा असर
डीएम व एसपी के तमाम आदेश के बावजूद टेपों व डग्गामार वाहन चालकों की मनमानी जारी रही। यातायात पुलिस चालकों की अराजकता का तमाशा देखती रही। उनके सामने से वाहनों की छतों पर बैठकर व लटककर यात्री आते जाते रहे। कुछ टेपों चालकों ने बताया कि जब यातायात विभाग को अलग खर्चा दिया गया है तो डर किस बात का। वहीं सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि सभी टेपों चालकों को सख्त निर्देश हैं कि सवारी लटकाएं नहीं। मेले में कुछ स्थानों से शिकायत मिली हैं, कार्रवाई की जाएगी।
पति, पुत्र की दीर्घायु की कामना
मौनी अमावस्या सोमवार को होने के कारण इसका महत्व बढ़ गया। नदी स्नान के बाद महिलाओं ने पति व पुत्र के दीर्घायु की कामना को लेकर सुबह से पीपल के वृक्ष पर 108 फेरे लगाकर पूजा की। इसके बाद विधि विधान से पूजन किया। तीर्थक्षेत्र में सभी पीपल के वृक्ष के आसपास सोमवार को महिलाओं की काफी भीड़ रही।