जैसे कण कण में जिले की भूमि पर राम की अनुभूति है वैसे ही उनके परम भक्त हनुमानजी की कृपा चहुंओर नजर आती है। शनिवार को भक्त इसी आस्था और विश्वास के साथ हनुमान जयंती मनाएंगे। इसकी पूर्व संध्या पर पूरे तीर्थक्षेत्र में मंदिरों में तैयारियां की जाती रहीं। महंत और पुजारी शनिवार को हनुमान जयंती पड़ने से इसका विशेष फल मिलने की बात कह रहे हैं।
हनुमान जयंती पर विशेष पूजन आरती और भंडारे का आयोजन होगा। नांदी के हनुमान जी, बरहा के हनुमान जी, लाइना बाबा सरकार, बूढ़े हनुमान जी, हनुमान धारा, पंपासुर, आदि जगहों के अलावा मऊ क्षेत्र के बरियारी कला, मानिकपुर क्षेत्र के अमरावती आश्रम, पहाड़ी रोड के सिंघनिया बाबा आश्रम आदि प्रमुख प्राचीन मंदिरों और स्थानों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। परिक्रमा परिक्षेत्र के विभिन्न हनुमान मंदिरों में आज धार्मिक आयोजन होंगे।
खोही के बाल व्यास बृजेंद्र शास्त्री ने बताया कि शनिवार के दिन हनुमान जयंती अनूठा संयोग है। इस दिन हनुमान जी के पूजन अर्चन का विशेष फल भक्तों को प्राप्त होता है। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में रामभक्त हनुमान सशरीर विराजते हैं, ऐसा रामचरित मानस में वर्णित है। लंका दहन के बाद हनुमान जी को हनुमान धारा में शीतलता की प्राप्ति हुई थी और आग से तप रहा उनका शरीर ठंडा हुआ था।