एक दिन में प्रदेश में पांच करोड़ पौधे लगाने के विश्व रिकार्ड में धर्मनगरी भी पीछे नहीं है। पौधरोपण की सभी तैयारियां वन विभाग ने पूरी कर ली हैं। डेढ़ करोड़ के बजट से सोमवार को लगभग साढ़े तेरह लाख से अधिक पौधे जिले के विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे। विभागीय दावा है कि लक्ष्य पूरा कर लेंगे। पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है, लेकिन इसके लिए अलग बजट होगा।
वन विभाग के रेंजर नरेंद्र सिंह ने बताया कि महाअभियान की तैयारी पूरी है। सोमवार को सुबह दस बजे से इस अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद दिन रात हर विभाग के कर्मचारी पौधरोपण कराने के लिए रात में भी काम करेंगे। मंगलवार सुबह 10 बजे तक का लक्ष्य 13 लाख 38 हजार 532 पौधे लगाने का है।
159 स्थानों पर होगा पौधरोपण
चित्रकूट। जिले में 159 स्थानों पर पौधे रोपित किए जाएंगे। डीएफओ वीके मिश्रा ने बताया कि कर्वी रेंज के टिटिहरा गांव में 14 हजार, मानपुर में 2500, रामपुर पालदेव में 18 हजार 350, दुगुवा में 27 हजार पांच सौ, भंभई में 9175, पुरवा तरौंहा में 16 हजार 250, सिद्धपुर में 18 हजार 350, कोल गदहिया में 32 हजार 500, खोह में 32 हजार 500, शीतलपुर में 15 हजार, मटदर 5625, मटदर एक में 32 हजार 500, मटदर द्वितीय में 18 हजार 350, मटदर तृतीय में पांच हजार, चन्द्रामारा में 15 हजार, चन्द्रामारा एक में 32 हजार पाच सौ, दो में 18 हजार 350, बहिलपुरवा में 32 हजार पांच सौ पौधे लगाए जाएंगे। इसी प्रकार बरगढ़ रेंज में देहरूच एक में दस हजार, दो में 26 हजार, ऊंचाडीह एक में 2500, दो में 14 हजार 680, कोटा कदैला में 10 हजार, एक में 26 हजार, दो में 26 हजार, तीन में 14 हजार 680, चार में 32 हजार पांच सौ, गोइयां में 6875, तुरगवां में 26 हजार, कलचिहा में पांच हजार, परदवां में पांच हजार, परदवा दो में 15 हजार, बरहा कोटरा एक में 15 हजार, बरहा कोटरा दो में 75 सौ, खंडेहा एक में 26 हजार, दो में 14 हजार 680, लौरी एक व दो में 14 हजार 680, इटवा पूर्वी में 14 हजार 680, इटवा पश्चिमी 13 हजार, गुनुवा 5505, सिंहपुर में 4037, कपूरी में 19 हजार 500, खजुरिहा नौ हजार 175, अतरसुई में 15 हजार, मानिकपुर रेंज के चुरेह में 18 हजार 350, केशरुआ में दस हजार, गढचपा एक पांच हजार, दो 32 हजार पांच सौ, सरहट 75 सौ, जबरदस्ता नंदवनिया दस हजार, एक में 15 हजार, दो में 10 हजार, तीन में 18 हजार 350, चूल्ही एक, दो में 32 हजार 500, गुरसराय एक में 15 हजार व दो में 10 हजार, टिकरिया एक में 25 सौ व दो में 32 हजार पांच सौ, जमुनिहाई में 15 हजार, अमचुर नेरुआ एक में 13 हजार, दो में 16 हजार 250, छेरिहा कला में 32 हजार पांच सौ, छेरिहा एक 32 हजार पांच सौ व दो में 16 हजार 250, रुखमा बुजुर्ग एक में 16 हजार 250 व दो में 32 हजार पांच सौ, ददरी में 13 हजार, मडैयन में 16 हजार 250 पौधरोपण होगा।
हर बार की तरह इस बार भी वन विभाग करोड़ों के बजट से पौधरोपण कराने जा रहा है। पिछले सालों में भी ऐसा ही हुआ। इसके बावजूद जिले की आर्र्दता कम होती जा रही है। वन क्षेत्रों मेें पेड़ बेहद कम दिखते हैं। मानसून की बारिश न होने पर विशेषज्ञ कहते हैं कि पौधरोपण करने से प्रकृति का संतुलन बनेगा। आखिर हर साल लगाए जाने वाले लाखों पौधे कहां चले जाते हैं। मुख्यालय के आसपास ही कराए गए पौधरोपण में आधे से ज्यादा पौधे की जड़ तक पता नहीं है। वन विभाग के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2015 में लगभग 11 लाख पौधे रोपे गए थे। जो एक साल बाद आधे भी नजर नहीं आते।
डीएफओ वीके मिश्रा ने बताया पौधरोपण के बारे में सर्वे आफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में चित्रकूट क्षेत्र में दो साल के अंदर 11 सौ हेक्टेयर में अतिरिक्त वन क्षेत्र तैयार हुआ है। जिले में वन क्षेत्र कुल 50 हजार हेक्टेयर का है। कुछ ऐसा ही वनकर्मी अनिल द्विवेदी ने बताया कि पिछले पौधरोपण में 85 प्रतिशत सफलता मिली है।