हादसे के बाद रोती बिलखती महिलाएं।
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भौंरी(चित्रकूट)। सदर कोतवाली अंतर्गत झांसी- मिर्जापुर हाईवे के कोठिलिहाई गांव के पास शनिवार सुबह तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी। बाइक सवार महिला और उसके ममेरे भाई की मौत हो गई। बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। यह कार चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजने और परिवार को आर्थिक मदद की मांग करने लगे। पुलिस के कार्रवाई का भरोसा देने के बाद जाम खोला। एक घ्ंाटे से ज्यादा समय तक जाम से दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। कोतवाली पुलिस टीम ने खोह के पास कार चालक को पकड़ लिया। कार कब्जे में ले ली है।
कोठिलिहाई गांव की सुनीता (35) पत्नी अजय राम गेटापुरवा भौंरी निवासी मौसी सुबितिया के घर बच्चे के जन्म पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने शुक्रवार को आई थीं। शनिवार सुबह मौसी के बेटे दीपक पुत्र मुन्नीलाल के साथ बाइक से अपने गांव लौट रही थीं। बाइक पर सुनीता का ममेरा भाई गेटापुरवा निवासी रामबली (30) पुत्र पल्टू भी था। हाईवे पर कोठिलिहाई गांव के मोड़ पर बाइक को मोड़ने के प्रयास में प्रयागराज की ओर से तेज गति से आ रही कार ने टक्कर मार दी। बाइक सवार तीनों लोग करीब 15 फीट दूर गिरे। हादसे के बाद चालक कार लेकर भाग निकला। सुनीता की मौके पर मौत हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रामबली की भी मौत हो गई। दीपक की हालत नाजुक है।
हादसे के बाद ग्र्रामीणों ने हाईवे पर शव रख दिया। ईंट, पत्थर व लकड़ियां रख जाम लगा दिया। जाम में रोडवेज बसें भी फंस गईं। सूचना पर कोतवाली और रैपुरा थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। यह कार चालक को पकड़कर जेल भेजने, कोठिलिहाई गांव के मोड़ पर ब्रेकर और मृतका के परिजनों को आर्थिक मदद की मांग करने लगे। कोतवाल पंकज पांडेय व रैपुरा थाना प्रभारी धर्मराज यादव ने ग्रामीणों को बताया कि कार चालक को पकड़ लिया गया है। अन्य मदद भी विभागीय नियमानुसार कराई जाएंगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हेलमेट पहने था बाइक चालक, बच गई जान
चित्रकूट। बाइक चालक दीपक हेलमेट पहने था। इससे जान बच गई। हालांकि हालत नाजुक है। घटना से कार क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद कोठिलिहाई व गेटापुरवा के मृतकों के घरों में मातम छाया रहा। वहीं सुनीता का पति मजदूरी करता है। दो पुत्र और एक पुत्री है। तीन भाई हैं। हादसे के बाद मां भगवनियां का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। रामबली राजगीर था। उसके दो पुत्रियां और एक पुत्र है। पत्नी हीरामनी व मां रामलली बिलखती रहीं।