स्वामी मत्गयेंद्रनाथ का जलाभिषेक करते भक्त
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सावन के पहले सोमवार को सुबह से ही भगवान राम की तपोभूमि में ऊं नम: शिवाय और बम बम भोले के मंत्र गूंजते रहे। शाम को शिवालयों में श्रंगार व आरती के दौरान मंदिरों हजारों भक्तों की भीड़ रही।
सोमवार को रामघाट से लेकर जिले के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। खासकर रामघाट में मंदाकिनी से जल लेकर स्वामी मत्गयेंद्रनाथ स्वामी का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की मंदिर के बाहर लाइन लगी रही। महिला व पुरुषों को अलग-अलग लाइन से मंदिर तक पहुंचाया गया। यही हाल जिले के अन्य मंदिरों का भी रहा। चर के सोमनाथ मंदिर, परानू बाबा व मडफा मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने को भक्त दिन भर आते रहे। सुबह से ही मंदिरों में घंटों की आवाजें गूंजने लगी। बोल बम का नारा लगाते हुए कांवरियों की टोली भी रामघाट पहुंची। शिवालयों में भगवान शिव के प्रसन्न करने के मंत्र गूंजते रहे।
शिवभक्तों ने बेलपत्र, फूल, इत्र, चंदन, बेल, फल व दूध, दही से भगवान का अभिषेक किया। इस दौरान रामघाट समेत सभी मंदिरों के बाहर बेलपत्र की मांग ज्यादा रही। मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का ज्यादा महत्व है।
शिवमंदिरों में सावन के पहले सोमवार को भक्तों की सुरक्षा के लिए सुबह से ही मंदिरों के आसपास पुलिस टीम मुस्तैद रही। डीएम मोनिका रानी व एसपी केके चौधरी ने रामघाट की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।