मौसम में लगातार बदलाव के चलते डायरिया का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। सोमवार को ठीकापुरवा में बुखार से एक कक्षा नौ के छात्र की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में एक दर्जन से अधिक डायरिया के मरीज भर्ती हुए। जिसमें एक बालक की हालत गंभीर होने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया गया है।
मुख्यालय समेत खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार व डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रविवार को शिवरामपुर कस्बे की एक बालिका की डायरिया से मौत भी हो गई थी। सोमवार को त्यागी इंटर कालेज एेंचवारा के कक्षा नौ के छात्र नमन सिंह (16) पुत्र शिव प्रसाद निवासी ठीकापुरवा चरदहा की बुखार से मौत हो गई। उसका इलाज चल रहा था। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को कालेज में दो मिनट का मौन रखकर छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
कालेज के प्रधानाचार्य नथन सिंह ने बताया छात्र को कई दिनों से बुखार था। उधर जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित पवन कुमार, राजेश कुमार, गुड्डू, बबलू निवासी हरिजनपुर मानिकपुर, रामनगर के संतोष कुमार, सुरेश व चिंता देवी, चकौंध के राहुल, प्रियांशु, मंगल, चुन्नी, संपतिया, शनी और रमादेवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती हरिजनपुर के पवन पुत्र नन्हू की हालत डाक्टरों ने गंभीर बताकर इलाहाबाद रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल की अव्यवस्था सोमवार को फिर सामने आई। डाक्टरों ने पवन को इलाहाबाद रेफर किया तो परिजन स्ट्रेचर तलाशते रहे, मगर नहीं मिला। इसके बाद एंबुलेंस भी न मिलने पर निराश पवन का पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल से बाहर चला गया। टेपों से बेटे को लेकर बस स्टैंड पहुंचा। इस मामले में सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने कहा मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस की मांग नहीं की।
डीएम मोनिका रानी ने जिले में डायरिया व बुखार के बढ़ते मरीजों पर चिंता जताई है। सोमवार को कालूपुर के मंदाकिनी भवन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक मेें डीएम ने निर्देश दिया कि आशा व एएनएम इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाएं। ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करें। बारिश के एकत्र गंदे पानी की सफाई के लिए प्रधान जिम्मेदारी समझे।