मुख्यालय के सिंडीकेट बैंक के बगल में परचून की दुकान से मिलते फार्म
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शहर के शंकर बाजार स्थित सिंडीकेट बैंक आरबीआई के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। निशुल्क मिलने वाला जमा निकासी के फार्म परचून की दुकान से बेचे जा रहे हैं। इसका कारण बैंक ग्राहकों में रोष है। वहीं बैंक मैनेजर का कहना है कि फार्म बेचे नहीं जा रहे हैं।
मामला मुख्यालय के शंकर बाजार स्थित सिंडीकेट बैंक का है। कई दिनों से यहां के ग्राहकों को जमा व निकासी का फार्म शाखा के बगल में स्थित परचून की दुकान से खरीदना पड़ रहा है। बुधवार को भी यही हालत रहे। बनकट के रामलाल और कसहाई की संगीता देवी ने बताया कि जब बैंक में फार्म मांगा तो बताया गया कि बगल की दुकान से लें।
परचून की दुकान जाने पर दुकानदार ने फोटो कापी मशीन से दो फार्म निकालकर दो रुपये मांगे। ग्राहकों ने कहा कि इस फार्म का बैंक में कोई शुल्क नहीं होता लेकिन दुकानदार ने कहा कि उसका बैंक कर्मचारियों से अनुबंध है। जिसके तहत फार्म के लिए प्रति फार्म एक रुपये देना होगा। इस बात को लेकर काफी देर तक ग्राहकों और दुकानदार में कहासुनी होती रही लेकिन दुकानदार नहीं माना।
उसने बताया कि पूरे दिन में चार सौ फार्म तो बेचता ही है। इस बीच कुछ ग्राहकों ने बैंक कर्मियों का पक्ष लेते हुए कहा कि वैसे तो यह नियम के खिलाफ है। लेकिन बैंक में भीड़ के कारण ऐसा किया गया है और फोटो कापी मशीन का खर्च निकालने को एक रुपये फार्म लिया जाता है।
पूरे मामले में शाखा प्रबंधक एसएन मिश्रा ने बताया कि यह सही है कि बैंक फार्म परचून की दुकान से बंटवाए जा रहे हैं। दरअसल बैंक में फार्म खत्म होने के बाद बनारस शाखा से फार्म मंगवाए गए हैं।
कई दिनों से अभी तक फार्म न आने के कारण बगल की दुकान से फार्म बंटवाए जा रहे हैं। इसके लिए दुकानदार से कोई शुल्क वसूली को नहीं कहा गया है। जानकारी हुई है कि दुकानदार फोटो कापी का खर्च के नाम पर कुछ लोगों से रुपये ले रहा है। फार्म आते ही इसे बंद करा दिया जाएगा।