चित्रकूट। जमीन के विवाद में जानलेवा हमले के मामले में दोषी को न्यायालय ने पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रूपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
शिवरामपुर निवासी जीवनलाल निषाद ने बताया कि 30 नवंबर 2014 को कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे शंकर पर प्लाट में काम करते समय जमीन के विवाद को लेकर शिवरामपुर निवासी रामकृष्ण कुशवाहा ने अपने दो साथियों हीरालाल कुशवाहा और रामनाथ के साथ कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। साथ ही गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद नौ अक्तूबर को न्यायालय ने जानलेवा हमले का दोष सिद्ध होने पर हीरालाल और रामनाथ को सजा सुनाई थी। इसके बाद मंगलवार को इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुराग कुरील ने आरोपी रामकृष्ण कुशवाहा को भी पांच वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।