श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 200 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों ने मोतियाबिंद, कार्निया, ग्लूकोमा आदि नेत्र रोगों पर विचार-विमर्श किया। मुंबई से वीडियोग्राफी के माध्यम से चिकित्सकों को शल्य क्रिया समझाई गई।
चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी एवं कार्यशाला के संचालक डा. इलेश जैन ने बताया कि मुंबई से डा. किकी मेहता ने वीडियोग्राफी के माध्यम से सभी चिकित्सकों को अत्याधुनिक तकनीकी से नेत्र शल्य क्रिया समझाई। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के प्रमुख डा. जगतराम ने बच्चों में होने वाले जन्मजात अंधेपन एवं उसकी सर्जरी के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की ये कार्यशाला प्रतिवर्ष आयोजित की जाएगी। इस दौरान क्विज प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें 14 टीमों ने भाग लिया। इसमें शासकीय मेडिकल कालेज नागपुर ने प्रथम, आगरा मेडिकल कालेज ने द्वितीय और महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज इंदौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
विजेता टीम के सभी चिकित्सकों को सद्गुरु आई पैड से पुरस्कृत किया गया। नेत्र विज्ञान एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान पर डा. जगतराम, डा. जीवन एस तितियाल, डा. हरवंश लाल, डा. एस भारती एवं डा. आरएच मनियार को सद्गुरु मेडल से सम्मानित किया गया। रीवा मेडिकल कालेज के डीन डा. पीसी द्विवेदी, आरआर शुक्ल, मधु भदौरिया, आनंद सक्सेना, प्रतीप व्यास, राजीव चौधरी, पुरेंद्र भासिन, राजेश सिन्हा, कमलजीत सिंह, एसएस पांडेय, एससी भटालिया एवं डा. अरुण जैन को सद्गुरु अवार्ड दिया गया।