दीपावली अमावस्या मेले को लेकर शनिवार को मप्र और उप्र के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रीफल (नारियल) के परिक्रमा मार्ग पर प्रतिबंध को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
जिलाधिकारी चित्रकूट नीलम अहलावत ने कहा कि अगर इस तरह का प्रतिबंध लगाना था तो काफी पहले से इस पर सहमति बनाने की कोशिश की जानी चाहिए थी।
गौरतलब है कि उप्र में पंचायत चुनाव की वजह से प्रशासन की उसमें व्यस्तता थी और इससे यह बैठक काफी देर से हो सकी।
बैठक में जिलाधिकारी सतना संतोष मिश्र ने जिलाधिकारी चित्रकूट नीलम अहलावत से परिक्रमा मार्ग में नारियल के प्रतिबंध पर चर्चा की। इस पर जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में जो फीडबैक लिया है, उसमें यह बात सामने आई है कि दीपावली मेले को लेकर व्यापारियों और छोटे दुकानदारों ने नारियल का स्टाक कर लिया है।
अगर प्रतिबंध लगा तो इनको नुकसान होगा। ऐसे में इस अमावस्या में यूपी क्षेत्र में नारियल बिक्री पर प्रतिबंध लगाने में व्यापारी हित को देखते ह ुए असमर्थता जाहिर की।
बैठक में ग्राम चितरा गोकुलपुर से पीली कोठी होते हुए खोही के लिए जाने वाले रास्ते में ट्रैक्टर खड़े किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।
इस पर सहमति बनी कि रविवार को यूपी और एमपी के पुलिस अधिकारी इस संबंध में पार्किंग का निर्णय मौके पर जाकर करेंगे।
जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने लेटी परिक्रमा रास्ते में सफाई की विशेष व्यवस्था की जरूरत बताई। अन्ना जानवरों को लेकर भी कहा गया कि एक दूसरे की सीमा में खदेड़ने की बजाय इनको गौशाला में पहुंचाया जाए। निर्मोही अखाड़े के पास जलनिकासी की व्यवस्था करने को भी कहा गया।