चित्रकूट। छह लाख के इनामी कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग में गैंगवार होने पर ताबड़तोड गोलियां चली। जिसमें सरगना समेत तीन सदस्य को गोली लगने की सूचना है। उत्साहित पुलिस टीम के अधिकारियों ने जंगल में डेरा जमाया है। समाचार लिखे जाने तक फिलहाल किसी के शव की बरामदगी नहीं हुई है। घटनास्थल पर खून व कई सामग्री पुलिस को जरूर मिली है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि पुलिस से डकैतो की मुठभेेड़ हुई है लेकिन आईजी रींवा ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
जिले की सीमा से सटे धारकुंडी जिला सतना मप्र क्षेत्र के वीरपुर पंचायत के चमरी पहाड़ के नीचे जंगल के पास रविवार की शाम को कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग की मौजूदगी की सूचना मिली। जानकारों के अनुसार गैंग के सदस्यों में रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। जिस पर मौजूद गैंग के सदस्य लाले कोल ने गोली चला दी। जिससे वहां भगदड़ मच गई और अन्य सदस्यों ने भी ताबडतोड़ फायरिंग की और सभी सुरक्षित ठिकानों में भाग गए।
जंगल में गोली चलने की जानकारी होते ही रींवा आईजी चंचल शेखर भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस गैंगवार वाले स्थान की तलाश में जुटी है। देर शाम को प्रतापपुर गांव के चमरी पहाड़ के नीचे जंगल के एक स्थान पर पुलिस टीम को खून मिला है। इसके बाद पुलिस टीम गैंग के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार गैंग सरगना बबुली कोल को भी गोली लगी है और उसके मरने की संभावना है। गैंग के अन्य सदस्य लवलेश कोल आदि उसे लेकर कहीं भाग गए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य भी घायल हुए हैं।
तीन चार घंटे से किसी पुलिस अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा जिससे इसकी पुष्टि नहंी हुई है। देर शाम को आईजी रींवा ने बताया कि भारी पुलिस फोर्स जंगल में है जल्द ही कोई सफलता जरूर मिलेगी। इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा जोन अविनाश शर्मा, पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना गौतम सोलंकी, एसडीओपी वीपी सिंह, थाना प्रभारी संतोष तिवारी ,थाना प्रभारी मझगवा ओपी सिंह, थाना प्रभारी धारकुंडी पवन कुमार, थाना प्रभारी थाना बरौंधा केएस टेकाम, एडी की विशेष टीम गोपाल चौबे, सुधांशु तिवारी भी चकरी पहाड़ के आसपास मौजूद रहे। इधर चित्रकूट पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि इस सूचना पर पुलिस टीम मप्र क्षेत्र में भी भेजी गई है। अभी कोई पुष्टि नहंी हो पा रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही डाकू बबुली कोल गैंग ने वीरपुर पंचायत के हरषेड गांव के किसान का अपहरण कर फिरौती मांगी थी। पांचवे दिन किसान अपने घर सकुलशन पहुंचा था तो कुछ परिजनों ने छह लाख रुपये की फिरौती पहुंचाने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने फिरौती देने की बात से इंकार किया था। माना जा रहा है कि इस कांड में हरषेड समेत आसपास गांव के कई लोग शामिल थे। जिसमें एक लाले कोल भी है। इसके खिलाफ अपहरण मामलेे में पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज कर इनाम घोषित कर रखा है। सूत्रों की मानें तो रविवार को उसी फिरौती की रकम का बंटवारा करते समय विवाद हुआ जिसमें गैैगवार हो गया। मौके पर मौजूद लाले कोल गोली चलाने के बाद रायफल लेकर भाग गया है। उधर घायल सरगना बबुली समेत दो अन्य को लेकर लवलेश कोल जंगल में छिपा है।