संवाद न्यूज एजेंसी
- घटनास्थल के तीन किमी के दायरे में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं
- आरोपियों की पहचान के करीब होने का दावा कर रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। देवांगना घाटी में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना में फिलहाल पुलिस खाली हाथ है। इसकी बड़ी वजह घटनास्थल के तीन किलोमीटर के दायरे में एक भी सीसीटीवी कैमरा न होने की बात सामने आई है। पुलिस ने पहाड़ी की ओर जाने वाले मार्गों पर लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। हालांकि पुलिस आरोपियों की पहचान के करीब होने का दावा कर रही है मगर अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
यह घटना तब हुई जब मध्य प्रदेश के नयागांव थाना क्षेत्र की एक युवती अपने रामघाट क्षेत्र निवासी किशोर दोस्त के साथ देवांगना घाटी घूमने गई थी। इस दौरान तीन युवक बाइक पर वहां पहुंचे और किशोर को बंधक बना लिया। इसके बाद दो युवकों ने युवती को कुछ दूर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना के बाद तीनों युवक मौके से फरार हो गए।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एडीजी ज्योति नारायण, डीआईजी राजेश एस, और एसपी अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान करना है। पुलिस की अलग-अलग टीमें कर्वी से मध्य प्रदेश क्षेत्र तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। सर्विलांस टीम घटना से कुछ घंटे पहले और पुलिस के पहुंचने तक के मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने में जुटी है। इसके अलावा, देवांगना रोड से गुजरने वाले आसपास के गांवों के लोगों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है।
घटना की जांच में एसपी अरुण कुमार सिंह, एएसपी पीयूषकांत राय, सीओ सतेंद्र सिंह, सदर कोतवाल दुर्ग विजय सिंह, बहिलपुरवा थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी, और सर्विलांस टीम सहित लगभग 80 पुलिसकर्मी लगे हुए हैं। इन तमाम संसाधनों के बावजूद, पुलिस अभी तक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में सफल नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कई संदिग्धों से की जा रही पूछताछ
पुलिस की टीमों ने घटना के संबंध में बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार को कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, घटना के समय आने-जाने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस बीच, खुफिया तंत्र एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।