चित्रकूट। शहर में नेत्रहीनों के विकास के लिए खुली दृष्टि सामाजिक संस्थान में कई प्रकल्पों के मध्यम कार्य किया जा रहा है। जिसमें दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय में छात्राओें को पढ़ाया जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लुई ब्रेल जयंती समारोह का आयोजन 3 और 4 जनवरी को होने जा रहा है। जिसकी तैयारियां की जा रहीं है।
दृष्टि बाधित शंकर लाल गुप्ता दूर संचार विभाग में नौकरी करते रहे। इसक े बाद भी वह दृष्टिहीनों के लिए 1995 में दृष्टि संस्था नाम से एक संस्था बनाई। जिसमेें एक सैकड़ा से अधिक दृष्टिहीन छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। यह संस्था राष्ट्रीय स्तर पर दृष्टिबाधितों की मानक संस्था ऑल इंडिया कन्फडेरशन ऑफ द ब्लाइड से संबद्ध है। अच्छा कार्य करने के लिए संस्था को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। संस्था में विद्यालय के साथ ही कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम, व्यवसायिक प्रशिक्षण, होम मैनेजमेंट कोर्स, एडवोकेशी सेल, सहित ब्रेल बैंक आदि की व्यवस्था हैं।
13वां लुई ब्रेल महोत्सव आज
चित्रकूट। मुख्यालय स्थित सामाजिक संस्था दृष्टि में गुरुवार को संस्था के महासचिव शंकरलाल गुप्त ने बताया कि विगत 12 वर्षों से संस्थान में लुई ब्रेल महोत्सव मना रहा है। इसी क्रम में तीन व चार जनवरी को समारोह आयोजित किया जाएगा। बताया कि संस्था के स्थापना का 25वां वर्ष है। 13वें लुई ब्रेल महोत्सव विशेष होगा। जयपुर, प्रयागराज, रायपुर, ग्वालियर, कानपुर, वाराणसी, सारनाथ, लखनऊ, जबलपुर तथा कर्वी की टीमें प्रतिभाग करेंगी। जिनके बीच 12 प्रकार की बौद्धिक प्रतियोगितायें होगी। अंतंर्राष्ट्रीय ब्रेल डे चार जनवरी को चार दृष्टिबाधितों के रोल मॉडल दिव्यांगों को संस्था द्वारा लुई ब्रेल सम्मान प्रदान किया जाएगा। नगर के तीन सम्मानित एवं संस्था के सहयोगियों को संस्था मानक सदस्यता देगी।
मिल चुके कई पुरस्कार
चित्रकूट। दृष्टि संस्था को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं। संस्था के महासचिव शंकर लाल गुप्ता को भी कई बार बडे मंचों पर सम्मानित किया गया है। सन 2008 में संस्था को दृष्टिबाधित बालिकाओं को शिक्षित करने पर राज्यस्तरीय पुरस्कार मिला है। महासचिव शंकर लाल को 2016 में इस क्षेत्र में बेहतर योगदान पर पुरस्कार मिला। 2016 में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संतईश्वर पुरस्कार दिया। इस सन में कानपुर में आरोग्यभारती ने सेवा रत्न पुरस्कार इस संस्था को दिया है। इसके अलावा बुंदेलखंड स्तर पर इस संस्था व संचालक को कई पुरस्कार मिल चुके हैं।