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स्वंत्रता संग्राम सेनानी पंचतत्व में विलीन

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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुनेश्वर प्रसाद शुक्ला- फाइल फोटो - फोटो : CHITRAKUTT
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मऊ (चित्रकूट)। मऊ कस्बा निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ला (गर्ग) का रविवार की रात 10:30 बजे निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। उनके शव का दाह संस्कार सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान एसडीएम, सीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले में एकमात्र बचे कस्बा निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 98 वर्षीय भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ल पंचतत्व में विलीन हो गए। नाबालिग अवस्था से ही स्वतंत्रता आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे। 1936-37 में बस्ती जनपद की जेल में भेज दिया गया था। बालिग होने पर उन्हें फिर बांदा जेल भेजा गया। लगभग 27 महीने जेल की कड़ी यातना झेली। बावजूद इसके झुकाव कम नहीं हुआ। 1947 में हिंदुस्तान जब आजाद हुआ तो इन्हें प्रदेश सरकार ने पंचायत सचिव की नौकरी दी। बाद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की लिस्ट में शामिल कर इन्हें आजीवन सम्मान व पेंशन देने लगे। उनके निधन से जनपद में शोक की लहर है। उप जिलाधिकारी नवदीप शुक्ल, क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम, कोतवाल गुलाब त्रिपाठी सहित पुलिस जवान मौजूद रहे। शव का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ यमुना नदी के किनारे उनके मझोले पुत्र अशोक कुमार शुक्ला ने किया। स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी शांतिदेवी व एकलौती पुत्री रानी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अंतिम संस्कार के दौरान गार्ड आफ आनर देते पुलिसकर्मी।- फोटो : CHITRAKUTT

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