चित्रकूट। बलखड़िया गैंग को प्री-एक्टीवेट सिम मुहैया करने के मामले में एक दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार साल के सश्रम कारावास की सजा दी। साथ ही उस पर 15 हजार का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने 13 साल पुराने मामले में यह फैसला दिया।
तत्कालीन एसआई घनश्याम पांडेय ने नौ सितंबर 2012 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि बांदा जिले के फतेहगंज थाना क्षेत्र के जबरापुर गांव निवासी राकेश कुमार पटेल ने अनूपा देवी की फोटो व पहचान पत्र का प्रयोग कर फर्जी सिम एक्टीवेट किया और बलखड़िया गैंग के सदस्यों को देते हैं। राकेश को दूसरे के नाम से सिम एक्टीवेट करते समय पकड़ा गया था।
रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। कोर्ट ने वहां से उसे जेल भेजा था। मामले की विवेचना तत्कालीन एसआई विष्णुपाल सिंह ने कर 26 नवंबर को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्होंने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं और आरोपी को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव ने दोषी राकेश कुमार पटेल को सजा सुनाई। दोषी इस समय सदर कोतवाली के मिशन रोड शत्रुघनपुरी एलआईसी ऑफिस के सामने रहता है।