चित्रकूट। प्रधानमंत्री किसानों के साथ है, जो कृषि कानूनों में परिवर्तन किए गए हैं वह किसानों के खुशहाली और समृद्धि के लिए हैं। सरकार वार्ता के लिए तैयार है अगर कोई रचनात्मक सुझाव देना चाहता है तो उस पर विचार किया जाएगा। किसानों के आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है इसलिए किसानों को सरकार से बातचीत करनी चाहिए अगर कोई उन्हें आशंका है तो उन आशंकाओं का समाधान करना चाहिए। यह बात कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कही। वह शनिवार को भगवान कामतानाथ के दर्शन करने आए थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसानों को कोई शंका है तो वे सीधे बात करें। आंदोलन न करें।
चित्रकूट धाम मंडल के बांदा जिले में किसानों के लगने वाले तीन दिवसीय मेले का लोकार्पण करने के लिए से पहले उन्होंने कृषि कार्यों की समीक्षा भी की। आरोग्यधाम में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि वितरण के लिए हर माह की 1,2व 3 तारीख को कैंप लगाएं। गांव में किसानों को नये कृषि कानूनों के फायदे की जानकारी दी जाए। इस मौके पर राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे आदि मौजूद रहे।