देश के गोदामों में अनाज रखने की जगह नहीं है और देश
की गरीब जनता भूख-कुपोषण का शिकार हो रही है। केंद्र सरकार के खाद्य
सुरक्षा कानून के लागू होने पर भी गरीबों को सस्ता राशन मयस्सर नहीं है।
आधे-अधूरे
मन से लागू किये गये इस कानून की वजह से गांव-गरीब को कोई लाभ नहीं मिल पा
रहा है। जबकि सरकार के गोदामों में अनाज रखने की जगह नहीं। यह वक्तव्य
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति चित्रकूट इकाई की बैठक में जिला सचिव गीता
पांडे ने दिया।
रविवार को हुई बैठक में माकपा के सचिव मंडल सदस्य
रुद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून तो लागू कर दिया गया
लेकिन जिला पूर्ति कार्यालय से जारी सूची में तमाम गड़बड़ियों की ओर कोई
ध्यान नहीं दे रहा। बताया कि इसमें सुधार के लिए जनवादी महिला समिति और
माकपा मिलकर आंदोलन करेंगे।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति
चित्रकूट की बैठक में खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने में हीलाहवाली करने पर
सरकार को निशाने पर लिया।
जिला सचिव गीता पांडे ने कहा कि देश की
80 फीसदी जनता की मांग है कि गरीबों को सस्ता राशन मिले। लेकिन सरकारें
बेपरवाह हैं। विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और देश की एक तिहाई
से ज्यादा जनता को दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल है।
वक्ताओं का
कहना था कि जनांदोलनों के दबाव में पिछली केंद्र सरकार ने पांच जुलाई 13 को
खाद्य सुरक्षा कानून तो पारित किया पर प्रदेश में पिछले नए राशन कार्ड ही
बनाए जा रहे हैं।
इन लोगों ने कहा कि सस्ता राशन पाना देश की जनता
का बुनियादी अधिकार है। सरकार की टालू नीति का विरोध किया जाना चाहिए। बैठक
में निर्मला, शांति, शहीदा, अंजू, मीना, मनिया, शांति, महुरी, चिरौंजी,
सीमा और तुलसा आदि मौजूद रहीं।