चित्रकूट/खोही। मंदाकिनी नदी में बाढ़ आने के दौरान दुकान से सामग्री हटा रहे दुकानदार पानी में फंस गए। इसके बाद वह दुकान से बाहर नहीं निकल पाए। 12 घंटे बाद पानी कम होने पर परिजन उन्हें ढूंढने निकले तो दुकान के अंदर ही वह मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी होते ही परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। पुलिस की मौजूदगी में शव को दुकान से बाहर निकाला गया।
रामघाट के हाथी दरवाजा निवासी संजय गुप्ता ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब आठ बजे बाढ़ का पानी दुकान में घुस रहा था तो पिता नत्थूलाल गुप्ता (70), भाई अजय गुप्ता, मां सावित्री गुप्ता, भाभी मोहिनी गुप्ता व भतीजा तनुष के साथ दुकान का सामान हटा रहे थे। कुछ सामान बचा था, तभी पानी तेजी से दुकान के अंदर घुसा तो सभी लोग बाहर निकल गए। कुछ देर बाद पिता वापस दुकान के अंदर सामान निकालने पहुंच गए थे। जिन्हें परिजन देख नहीं पाए। इसके बाद पानी बढ़ने की वजह से बाहर नहीं निकल सके। बताया कि दिनभर पिता को खोजते रहे, लेकिन नहीं मिले। रात करीब आठ बाढ़ का पानी कम होने पर दुकान के अंदर गए तो पिता का शव पड़ा हुआ मिला। कास्मेटिक की दुकान है। कोतवाल उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी में दुकान के अंदर डूब गए थे। इससे दुकानदार की मौत हो गई थी।