चित्रकूट। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर के तुलसी घाट के धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे एक मॉडल घाट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां यमुना नदी के घाट पर फ्लोटिंग बैरियर सिस्टम लगाया जाएगा। यह बैरियर नदी में एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाएगा, जिससे श्रद्धालु गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचेंगे।
राजापुर के ऐतिहासिक तुलसी घाट पर श्रद्धालु अब बेखौफ होकर यमुना में आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था करने जा रहा है। यहां फ्लोटिंग बैरियर लगाया जाएगा। इसके लिए विनियमित क्षेत्र राजापुर की अवस्थापना निधि से 16.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
यह फ्लोटिंग बैरियर कोई साधारण रस्सी नहीं है। यह हाई-डेंसिटी फ्लोट्स, स्टेनलेस स्टील की चेन और मजबूत एंकर से बना एक तैरता हुआ सुरक्षा जाल होगा। यह पानी की सतह पर तैरेगा और एक निश्चित सीमा के बाद श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोकेगा। इससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी सुरक्षित तरीके से स्नान कर पाएंगे।
माना जा रहा है कि चित्रकूट के राजापुर में सावन, अमावस्या, दीपावली और रामनवमी जैसे पर्वों पर लाखों श्रद्धालु यमुना स्नान के लिए आते हैं। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और बहाव तेज हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में अनजाने में गहरे पानी में चले जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। इस खतरे को रोकने के लिए प्रशासन ने यह आधुनिक समाधान चुना है।
वर्जन
फ्लोटिंग बैरियर लगने के बाद यहां गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस पहल से न केवल हादसों को रोका जा सकेगा बल्कि चित्रकूट में पर्यटन और आस्था को भी नई दिशा मिलेगी।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।