बुधवार देर रात शहर की सब्जी मंडी में एक फल की दुकान में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल के देरी से पहुंचने के कारण आग से करीब चार दर्जन दुकानें जलकर राख हो गईं। पीड़ित दुकानदारों की माने तो करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों पर पथराव कर उनके शीशे तोड़ दिए। कोतवाल, दो सिपाही, एक होमगार्ड व दमकल वाहनों के दो चालक पथराव में घायल हो गए। जानकारी मिलते ही एसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित कर आग पर काबू पाया। घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने डेढ़ दर्जन नामजद समेत एक सैकड़ा अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, आग बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे सब्जी मंडी स्थित एक फल की दुकान में अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। जानकारी होते ही दुकानदार व स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन दुकानों में रखे गैस सिलेंडर के फटने की आवाज सुन सभी पीछे हट गए।
इसके बाद दस मिनट के अंदर तीन और सिलेंडरों में धमाका हुआ। जिससे आसपास के लोग भी सिहर उठे। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदारों को आग के पास जाने से रोकती रही। दमकल की गाड़ियां करीब एक घंटे देरी से आईं, तो मौजूद लोग भड़क गए और दमकल के वाहनों पर पथराव कर दिया।
अचानक पथराव होने से दो दमकल वाहन के चालक विजय सिंह और नसीम सिर पर पत्थर लगने से घायल हो गए। कोतवाल रनवीर सिंह दोनों को बचाने का प्रयास कर रहे थे, तभी पत्थर कोतवाल के भी लगा और वह नीचे गिर पड़े। कुछ अराजकतत्वों ने आग बुझाने के दौरान होमगार्ड रमेश के पैर पर डंडा मारकर उन्हें घायल कर दिया।
जानकारी होते ही एसपी केके चौधरी, एएसपी अशोक कुमार, सीओ राजेश तिवारी भी मौके पर पहुंचे और चारों तरफ से घेराबंदी कर आग बुझाने का काम शुरू कराया। घायल कोतवाल, दो सिपाही और एक होमगार्ड को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लगभग दो घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस आग में 46 दुकानदारों का एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान बताया गया है। सदर एसडीएम रजनीश मिश्रा के साथ लेखपाल ने आग से हुए नुकसान की सूची तैयार की। उधर, एसपी ने बताया कि बचाव व राहत कार्य करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, आग व गैस सिलेंडर फटने से कोई जनहानि नहीं हुई है। कोतवाल रनवीर सिंह और दमकल अधिकारी यतींद्र नाथ उमराव की तहरीर पर डेढ़ दर्जन नामजद और एक सैकड़ा अज्ञात लोगों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान, पुलिस पर हमला और सेवन क्रिमिनल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।