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पांच सौ घर व दुकानें बाढ़ की चपेट में

Fri, 15 Jul 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
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रामघाट पर मंदा‌किनी के हालात। - फोटो : अमर उजाला
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गुरुवार शाम को शांत हुआ मंदाकिनी नदी का वेग शुक्रवार सुबह से फिर तेजी से बढ़ने लगा। शाम तक उफनाई नदी से रामघाट की सभी दुकानें और निचले तल पर बने मंदिर जलमग्न हो गए। मंदाकिनी का जलस्तर रामघाट में खतरे के निशान को पार कर गया।
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बनकट तक लगभग पांच सैकड़ा घर व दुकानों में नदी का पानी घुस गया। बाढ़ की स्थिति बनते ही डीएम के निर्देश पर तीन टीमों ने सभी खतरे वाले संभावित स्थलों का जायजा लिया। खुद एसपी भी मंदाकिनी किनारे पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर तीर्थयात्रियों का नदी की ओर जाने से रोक दिया है। उधर, यमुना नदी का भी जलस्तर बढ़ने से राजापुर व मऊ क्षेत्रवासी चिंतित हो उठे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण पुलिस टीम बुलाई है। सीतापुर व तरौंहा में बाढ़ नियंत्रण पुलिस चौकी स्थापित की गई है।

मध्यप्रदेश के वन क्षेत्र और जिले की विंध्य पर्वत श्रंखला क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण शुक्रवार को मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ा। तड़के रामघाट व नदी किनारे रहने वाले लोग सोकर उठे, तो लगा कि अब पानी नहीं बढ़ेगा। लेकिन करीब दस बजे पानी ने बाढ़ का रूप ले लिया।
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दुकानदार व अन्य लोगों को बची सामग्री व घरेलू सामान लेकर सुरक्षित स्थान की ओर जाते देखा गया। नदी में पानी बढ़े का सर्वाधिक प्रभाव रामघाट, आरोग्य धाम, गोयनाघाट, भरतघाट, दशरथ घाट से लेकर कर्वी के पुलघाट, सुंदरघाट और बंधोइन तक दिखाई पड़ा। पानी पांच सैकड़ा दुकानों व घरों में पानी घुस गया। लोग घर की छतों पर बैठकर पूरा दिन व रात गुजार रहे हैं।

मंदाकिनी तो रामघाट में खतरे के निशान को पार कर गई। निर्धारित माप 126.50 मीटर के आंकडे़ को पानी पार कर शुक्रवार की शाम को 129 मीटर तक पहुंच गया। इससे बाढ़ का रूप बना और प्रशासन चौकन्ना हो गया। डीएम मोनिका रानी के निर्देश पर अधिकारियों की तीन टीमों ने नदी किनारे जाकर स्थिति का जायजा लिया। सदर एसडीएम रजनीश मिश्रा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

बाढ़ राहत चौकी स्थापित
चित्रकूट। एसपी केके चौधरी ने नदी किनारे की स्थिति का जायजा लेने के बाद बताया कि जलस्तर तो बहुत बढ़ गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं है। बाढ़ नियंत्रण के लिए पुलिस ने तरौंहा व सीतापुर मेें अस्थाई चौकी स्थापित कर दी है। बाढ़ नियंत्रण करने वाली पुलिस टीम बुलाई गई है। इसके अलावा प्राइवेट गोताखोरों और नाव मालिकों से संपर्क किया गया है।

खतरे के निशान के नीचे
चित्रकूट। मंदाकिनी रामघाट में जरूर खतरे के निशान को पार कर गई लेकिन मुख्यालय के पुल घाट और शंकर बाजार के रेलवे पुल घाट के नीचे से बहने वाली यह नदी खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद बनकट तक जलस्तर बढ़ने से सभी चिंतिंत हैं।

इनसेट........
खाली कराए गए नदी किनारे के घर
चित्रकूट। बाढ़ की स्थिति बनते देख जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को लगातार सतर्क कर रही है। रामघाट से लेकर शंकर बाजार कर्वी तक सभी को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।

यमुना का भी बढ़ा जलस्तर
राजापुर/मऊ। मुख्यालय में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ रहा है। उधर, राजापुर व मऊ क्षेत्र में बहने वाली यमुना नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।
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