ग्राम पंचायत खोह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और सामाजिक विकास संस्थान चित्रकूट के परिवार परामर्श केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में बेटी बचाओ कार्यक्रम के मौके पर मुख्य अतिथि सिविल जज प्रशांत बिलगैंया ने कहा कि अगर कन्या को गर्भ में ही मार देंगे तो फिर एक बच्चे को संस्कार कैसे मिलेगा। यही कन्या आगे मां बनती है।
उन्होंने बताया कि गर्भ में भ्रूण हत्या कानूनन अपराध है। बच्चे को संस्कार देने वाली एक मां होती है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आज महिलाओं की स्थिति दयनीय है, ऐसी सोच बन चुकी है। बचपन में ही शिक्षा पर ध्यान दिया जाए तो एक बच्ची आगे चलकर अधिकारी तक बन सकती है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने इस बात पर खुशी जताई कि कार्यक्रम में बालिकाओं की उपस्थिति ज्यादा है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या के बढ़ते ग्राफ पर चिंता जताई और कहा कि कानपुर में सबसे अधिक भ्रूण हत्या का ग्राफ बढ़ा है।
सामाजिक कार्यकर्ता माधुरी का कहना था कि जिस देश में मातृशक्ति की पूजा होती है, उसी देश में कन्या भ्रूण हत्या हो रही है, यह चिंताजनक है।
औसतन एक हजार पुरुषों पर लगभग सात सौ महिलाएं हैं। 72 फीसदी महिलाएं एनीमिक हैं। महिला तभी सशक्त हो सकती है, जब वह जागरूक होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता हेमराज सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय एक लाख से कम हो, भूकंप पीड़ित हो, किसी प्रकार की समस्या से ग्रस्त हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव के नाम प्रार्थनापत्र देकर केस दायर कर सकता है।
उसे मुफ्त में कानूनी मदद मिलेगी। यदि किसी बालिका के साथ अमानुषिक व्यवहार या अपशब्दों का प्रयोग किया जाएगा तो उसे न्यायालय की तरफ से मुफ्त कानूनी सहायता दी जाएगी। रीता सिंह ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में शादी के लिए लड़कियां खोजे नहीं मिलेंगी।
रमा साहू ने बताया कि सीआरसी सेंटर खोह के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। इसके पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन संजय सिंह चौहान और टीचर शकुंतला और नेहा ने स्वागत गीत गाया।