ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक कौशल का प्रसार एवं सुधार विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अमर्त्य सेन सभागार में किया गया। इसमें यह तथ्य सामने आया कि जब तक किसान तकनीकी का फायदा नहीं उठाएगा, देश का आर्थिक विकास संभव नहीं है।
शनिवार को शुरू हुई कार्यशाला में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, इलाहाबाद के महासचिव प्रो.यूसी श्रीवास्तव ने कहा कि चरणबद्ध तकनीकी विकास से ही भारत की प्रगति होगी। प्रो. श्रीवास्तव ने तकनीक विस्तार के उचित माध्यमों को प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कालेज, लखनऊ के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने आय के स्रोत बढ़ाने के साथ-साथ विपणन के साधन किसानों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनसी गौतम ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी गांव में निवास करती है। इसके विकास के लिए उपयुक्त तकनीक के विकास, सुधार एवं विस्तार की आवश्यकता है। उन्हाेंने गांवों में उपलब्ध भारतीय कौशल के सुधार और विकास की अत्यंत आवश्यकता बताई।
कहा कि हमारे वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नवीन तकनीक एवं शोध को किसानों तक किसी भी माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे पूर्व विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। आयोजन सचिव डॉ. रमेशचंद्र त्रिपाठी ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं औचित्य पर प्रकाश डाला। सह-अध्यक्ष डॉ.रवींद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. वंदना पाठक ने किया।