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किसान हितैषी है केंद्र व प्रदेश सरकार

Sun, 10 Sep 2017 11:06 PM IST
चित्रकूट
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प्रदेश किसान मोर्चा की बैठक में तैयार किसान रोड मैप दिखाते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व अन्य। - फोटो : amarujala
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चित्रकूट। धर्मनगरी में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर किसानों को ही मुद्दा बनाने की रणनीति में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक हुई। केंद्रीय व मप्र के मुख्यमंत्री समेत कई अन्य मंत्रियों व पदाधिकारियों के मंथन से यही सामने आया कि किसी भी हालत में 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को फिर से सत्ता में बैठाने के लिए किसानों व मजदूरों को साधना होगा।

रविवार को दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में आयोजित प्रांतीय किसान मोर्चा की बैठक के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरे प्रदेश में विपक्षियों को किसान मजदूर व अन्य कुछ मामलों को लेकर मौका नहीं देना है। मंदसौर वाली घटना से उबरने के लिए हर पदाधिकारी गांव में किसानों के पास पहुंचेगा और उन्हें यह बताया जाएगा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसान हितैषी है। किसानों को आय दोगुनी करने की योजना में सरकार काम कर रही है। यहां तक कि उत्पादन मूल्य में किसानों को कुछ घाटा हो तो उसके बचाव का भी उपाय किया जाएगा।
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समापन सत्र में मप्र्र के मुख्यमंत्री के सामने किसान नेताओं ने अपनी समस्याएं सुनाई। कई लोगों ने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान कराने में दिलचस्पी नहीं लेते। इस मौके पर मंत्री राजेंद्र शुक्ला, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार, राष्ट्रीय किसान मोर्चा की उपाध्यक्ष संासद सावित्री ठाकुर, भाजपा के प्रदेश मंत्री अजय प्रताप सिंह, सतना सांसद गणेश सिंह रीवा सांसद जर्नादन मिश्रा, किसान मोर्चा के प्रभारी रघुनाथ भांठी, सतना की महापौर ममता पांडेय मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन किसान मोर्चा के महामंत्री विनोद सिंह जादौन ने किया।

खोही। मुख्यमंत्री को कामतानाथ प्रमुख मंदिर के महंत मदनदास महराज ने 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। रविवार की सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। इस दौरान प्रमुख द्वार पर दर्शन के दौरान महंत ने उन्हें स्मृति चिंह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं के आधार पर ही 84 कोस क्षेत्र में विकास कार्य कराने की घोषणा की।
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खोही। परिक्रमा के बाद मंदिर से बाहर निकले मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिगविजय सिंह के प्रधानमंत्री की ट्वीट कर आलोचना के सवाल पर रामायण का दोहा पढ़कर कहा कि भगवान ने उनकी मति हर ली थी। इसके बाद वह आगे बढ़ गए।
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