फोटो- 4 - शहर के कृषि विभाग कार्यालय परिसर में किसानों के धरने को संबोधित करते भाकियू के जिलाध्यक्ष
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चित्रकूट। ओलावृष्टि व बारिश से फसलों का भारी नुकसान होने पर किसानों ने कृषि विभाग परिसर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर मनमानी करने व किसान विरोधी काम करने का आरोप लगाकर नारेबाजी की।
बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामसिंह पटेल की अगुवाई में मऊ, बरगढ़, मानिकपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसान मुख्यालय के कृषि भवन पहुंचे। परिसर में ही किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले भर में किसान अन्ना मवेशी की समस्या से परेशान है। दिन रात अपनी फ सल बचाने में जुटा था अब असमय बारिश व ओलावृष्टि से कई क्षेत्र में किसान तबाही की ओर हैं। परेशान किसान जब कृषि विभाग पहुंचता है तो उसकी समस्या का समाधान करने की बजाय उसके साथ अभद्रता कर भगा दिया जाता है। किसान दिवस पर भी विभागीय अधिकारी किसानोें से अभद्रता करते हैं। बर्मिंग कंपोस्ट व मृदा परीक्षण अभियान मेें घोर अनियमितता हुई हैै। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि जिले भर में गोशालाओं में मवेशी भूखे प्यासे रहते हैं। जिला प्रशासन सरकारी सहायता को भी समय से इन गोशालाओं को नहीं मिलती है। बारिश व ओलावृष्टि से तबाह किसानों को महज आश्वासन मिल रहा है। जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि रामायण मेला के दौरान किसान रबी व खरीफ गोष्ठी में घोर अनियमितता हुई है। लाखों रूपये का बजट का बंदरबाट किया गया है। किसान प्रशिक्षण कार्यक्त्रस्म में महज औपचारिकता निभाई गई है।
धरने में ेिकसान नेताओं ने कहा कि 24 घंटे के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं होेगा तो यह धरना अनशन में बदला जाएगा। इस मौके पर उदय नारायण सिंह, नीलकंठ द्विवेदी, हेमराज सिंह, राजकिशोर, विनय त्रिपाठी व तीरथ प्रसाद आदि मौजूद रहे।