फोटो-02सीकेटीपी 05 रामू सिंह फाइल फोटो।
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चित्रकूट। सदर कोतवाली क्षेत्र के रेहुटिया गांव के तालाब में एक किसान की डूबकर मौत हो गई। वो बंधना भिगोने को गया था, वहां पर उसका पैर फिसल गया। उधर, परिजनों ने रेलवे विभाग पर तालाब को अधिक गहरा करने का आरोप लगाया है।
रेहुटिया निवासी विकास सिंह ने बताया कि उसके पिता रामू सिंह (48) बृहस्पतिवार की सुबह गेहूं काटने गए थे। करीब नौ बजे गेहूं के बोझ बांधने के लिए बंधना को पानी में भिगोने के लिए कुछ दूर पर स्थित तालाब में गए थे। वहां पर उनका पैर फिसल गया, जिससे पिता तालाब के गहरे पानी में गिरकर डूब गए। काफी देर घर नहीं पहुंचे तो वह खेत गया लेकिन नहीं मिले। फिर तालाब की ओर गया, वहां पर चप्पल व गमछा रखे थे। इससे आशंका हुई कि पिता तालाब में डूब गए हैं। जिस पर ग्रामीणों को बुलाकर तालाब में जाल डलवाया गया और खोजबीन शुरू की। आधे घंटे बाद जाल की मदद से शव निकाला गया।
मृतक के छोटे भाई अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि रेलवे के दोहरीकरण में तालाब की मानक के विपरीत 50 फीट से अधिक गहराई कर दी है। इसमें उतरने के लिए सही रास्ता भी नहीं बनाया है। तालाब में घुसते समय पैर फिसलने से उसके भाई की डूब कर मौत हो गई। एक बेटा विकास, एक बेटी विनीता व पत्नी सविता है। कोतवाल दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि परिजनों ने तालाब में डूबकर मौत की जानकारी दी है। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।