ओलावृष्टि से तबाह हुई फसल देखकर घर लौट रहे वृद्ध किसान की अचानक तबियत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। किसान ने बैंक से लाखों का ऋण ले रखा था। मृतक के पुत्र ने तहसीलदार को पत्र देकर मुआवजे की गुहार लगाई है। तहसीलदार ने बताया कि कानूनगो से मामले की जांच कराई जाएगी।
चितवार निवासी हनुमान प्रसाद ने बताया कि उसके पिता रामशंकर द्विवेदी (75) की 45 बीघे खेती चितवार, कतवार और पुरा मोहिनी गांव में है। उन्होंने स्टेट बैंक मऊ शाखा से दो लाख और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक खंडेहा से केसीसी के तहत तीन लाख छह हजार रुपये का ऋण लिया था। सारा पैसा उन्होंने खेती में लगा दिया। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से उनकी पूरी फसल तबाह हो गई।
इससे उनको सदमा लगा और बीमार रहने लगे। बताया कि पांच मार्च को वह खेत की तरफ गए थे, वहां से लौटे तो उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। सीने में दर्द होने पर मऊ अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र ने तहसीलदार से दैवीय आपदा के तहत मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। उधर, तहसीलदार कतवारू राम का कहना है कि जांच कानूनगो को सौंपी गई है।