फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चरी : कम लागत में आमदनी ज्यादा

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। गर्मी के सीजन में चरी कम लागत में किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है। इससे जहां पशुओं को हरा चारा मिलता है वहीं फसल से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। शहर की सीमा से लगे गांवों में इसकी बुआई ज्यादा की गई हैं। करीब डेढ़ माह में ही यह तैयार हो जाती है।
विज्ञापन

गर्मी में किसान अपने खाली पडे़ खेतों मे चरी (ज्वार) बो देते हैं। इसके लिए सुडान व एमपी नाम के बीच आते हैं। चरी तैयार होने पर अपने पशुओं के लिए चारा तो मिल जाता है और बाकी को किसान बाजार में बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।
जिला मुख्यालय से सटे सोनेपुर, तेजीपुर, बनकट, कंठीपुर, कसहाई, आदि गांव सहित राजापुर, मऊ, पहाड़ी क्षेत्रों में भी कई किसानों ने इसकी बुआई की है। सोनेपुर गांव के किसान मुरली, रतीभान व बच्चा ने बतया कि चरी की फसल की बुआई तीन साल से कर रहे है। इसमें कम लागत के साथ अधिक मुनाफा है। डेढ़ से दो महीने में फसल तैयार हो जाती है। लगभग एक क्विंटल चारा ढाई सौ रुपये में बेचते हैं।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे ने बताया कि एक एकड़ में लगभग 30 किलो बीज व एक बीघा में पांच किलो बीज लगता है। चारे क ी फसल को बढ़ावा देने के लिए पशु विभाग की तरफ से कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें