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बाढ़ से मिली राहत तो गांव लौटने लगे परिवार

Fri, 26 Aug 2016 11:03 PM IST
चित्रकूट
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मऊ के मवईकला गांव में मकान के चारों तरफ भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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यमुना का जलस्तर कम होने के बाद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित मवईकला व मंडौर के लोगों ने राहत की सांस ली। प्राथमिक विद्यालय मवई में विस्थापित किए गए दो दर्जन परिवारों की गांव वापसी होने लगी है।
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अब कुल तीन परिवार ही स्कूल में बचे हैं जो अपने बच्चों व मवेशियों के साथ गांव जाने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि उनके मकान पूरी तरह टूट गए हैं और चारों तरफ अभी भी पानी भरा है।


मवईकला के बाढ़ प्रभावित दो दर्जन परिवारों को शुक्रवार सुबह यमुना का जलस्तर कम होने की जानकारी मिली। इसके बाद भुल्ली, शारदा, बबलू, मुर्दी, राजाराम, केसिया, हरीशंकर, बिंदेश्वरी व मोतीलाल का परिवार बची गृहस्थी समेट कर गांव लौट आया और गांव में प्लास्टिक की पन्नी को छत बनाकर टूटे घरों में रह रहा है।
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कैंप में केवल लल्लू, भुस्सू व मइयादीन का परिवार ठहरा है। इन लोगों के घर पूरी तरह टूट गए हैं और टूटे मकान के भी चारों तरफ पानी भरा है। जिससे इनका अभी गांव लौटना संभव नहीं है।

शिवरामपुर कस्बे के कपड़िया मुहल्ले में बिजली न होने पर ग्रामीणों ने डीएम मोनिका रानी को पत्र सौंप बताया कि चार दिन से बिजली न होने की सूचना अधिकारियों को देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

इस मौके भाजपा नेता अरूण पटेल, सुनील कुमार नागर, फूलचन्द्र, छोटा, रामअवतार, लोघी, द्वारिका, धनश्याम पटेल, फूलचन्द्र, द्वारिका, नीलू, वीरेन्द्र, सीताराम आदि मौजूद रहे। बेड़ी पुलिया के पास लगा ट्रांसफार्मर एक सप्ताह से फुंका पड़ा है।

स्थानीय मनोज कुमार, संतोष कुमार व आशीष आदि ने बताया कि विभागीय जेई से कई बार इस बारे में सूचना दी गई लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया है। विद्युत आपूर्ति न मिलने से व्यापार भी प्रभावित  हो रहा है।
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