चित्रकूट। बिजली निगम के राजापुर अधिशासी अभियंता पर लाखों के बिल हजारों में निपटाने की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसी आधार पर प्रथम दृष्टया संदेह पर उन्हें यहां से हटा दिया गया है। अब उन्हें एमडी कार्यालय आगरा संबद्ध कर दिया गया है।
अमर उजाला ने पांच अगस्त को 10 लाख का बिल 50 हजार व तीन लाख का बिल डेढ़ हजार में निपटाया शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसी आधार पर प्रदेश के ऊर्जामंत्री व विद्युत निगम के अधिकारियों ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। बुधवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में प्रथम दृष्टया माने गए आरेापी अधिशासी अभियंता शिवकुमार को यहां से हटा दिया गया है। जिले के एसई आरके यादव ने बताया कि आगरा से जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिशासी अभियंता को यहां से आगरा भेजा गया है।
बिल निपटाने में अधिशासी अभियंता की संलिप्तता की जांच की जा रही है।