चित्रकूट। आरोपी विनय पटेल, प्रिंस पटेल व एक बाल अपचारी सभी छात्र हैं। इन सभी ने बताया कि महंगे शौक, चार पहिया वाहन खरीदने और महंगे मोबाइल की लालच में उन्होंने अपहरण के बाद फिरौती की मांग की थी। उन्हें पुलिस से पकड़े जाने का भय नहीं था।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिस नंबर से बदमाशों ने फोन कर फिरौती मांगी थी कि वह चोरी की सिम थी। विनय पटेल ने यह सिम मोहल्ले में ही रहने वाले अपने एक सहपाठी दद्दू पटेल के मोबाइल से दो दिन पूर्व चोरी की थी। पुलिस जब उसे सिम मालिक दद्दू के पास पहुंची तो उस मामले की जानकारी दी। मोबाइल रिकार्डिंग की आवाज सुनने के बाद उसने बताया कि यह आवाज विनय की है और दो दिन पहले विनय ने उसका मोबाइल लिया था। तब से मेरी सिम गायब है। इसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों बदमाशों को मोहल्ले के पास ही दबोच लिया।
पिता राजधर कोटार्य ने बताया कि अभी पूरे आरोपी नहीं पकड़े गए हैं। इसमें बड़े लोगों का हाथ है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। उसका पुत्र दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था। मां मंजू देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है।