मुख्यालय के जल निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारी।
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चित्रकूट। राजापुर क्षेत्र के सुरसेन गांव में टंकी के निर्माण को लेकर जेई और स्थानीय लोगों के बीच चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। जेई पर हमले के आरोप में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने हड़ताल शुरू कर दी है। आरोपियों कि गिरफ्तारी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स सयुंक्त राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजय पांडेय की अगुवाई में जूनियर इंजीनियरों ने सोमवार को जल निगम कार्यालय के परिसर में कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू की। कहा कि 30 सितंबर को डीएम को ज्ञापन देकर आरोपियों को जेल भेेजने की मांग करेंगे।
इंजीनियरों ने कहा कि सुरसेन गांव में सरकारी काम का निरीक्षण करने गए जल निगम के जेई शशीकांत पर तीन लोगों ने हमला कर घायल कर दिया था। इस मौके पर पुष्पेंद्र कुमार, सूर्यप्रकाश, रजनीकंात, शशीकांत, गिरिजाशंकर, आशीष मौर्य, अंकित सिंह, मृत्युंजय सिंह, राकेश शर्मा, सर्वजीत, शकील अहमद, रज्जू प्रसाद, रामभवन व विजय शंकर मौजूद रहे।
उधर, इस मामले में नामजद तीनों आरोपी रमेश तिवारी, सोनू मिश्रा व राजकुमार के समर्थन में ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी निर्माण का भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इसीलिए जेई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसका विरोध जारी रहेगा। राजापुर थाना प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि किसी को बेवजह नहीं फंसाया जाएगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।