फोटो-10- मानिकपुर कस्बे में ऊफनाया नाला व गंदगी । संवाद
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मानिकपुर। कसबे के लोगों के लिए बारिश परेशानी का सबब बनती है। यहां का बड़ा नाला बस्ती के अंदर संकरा हो गया है। इस नाले पर लोगों ने पक्के निर्माण करा रखे हैं। ऐसे में जरा सी बारिश होने से नाले उफना पड़ते हैं और सड़क तालाब बन जाती है। शनिवार की हुई बारिश के बाद लोग जलभराव से जूझे थे।
मानिकपुर कसबे की आबादी करीब 30 हजार है। सतना इलाहाबाद रूट की रेलवे क्रॉसिंग इस कसबे को दो हिस्सों में बांट रही है। पुराना इलाका होने से आबादी घनी है। मुख्य बाजार में करीब पांच सौ दुकानें हैं। यहां कसबे के बाहर से निकला नाला करीब चार मीटर चौड़ा है। इस नाले में आसपास कई छोटे नाले आकर मिलते हैं। कसबे में घुसते ही यह नाला संकरा हो गया है। कई पक्के निर्माण हैं। इसकी वजह से नाले की सफाई नहीं हो पाती है। इस कारण जरा सी भी बारिश होने पर पानी सड़क पर भर जाता है। नाले की गंदगी सड़क पर उतराने लगती है।
रेलवे पुल के निर्माण ने और बिगाड़े हालात
बस्ती के बीचोबीच से गुजरी रेलवे लाइन का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए रेलवे की तरफ से पुल का निर्माण कराया जा रहा है। करीब एक महीने से पुल के निर्माण कार्य के चलते लोगों का आवागमन बंद है। केवल पैदल यात्रियों के लिए लोहे की चादर के सहारे पाथवे बना दिया गया है। लोगों का कहना है कि जलभराव का एक कारण यह पुल भी रहा है। बारिश के पानी का बहाव न होने से समस्या और विकराल हो गई।