ग्रामोदय महोत्सव में डांडिया नृत्य प्रस्तुत करने वाली टीम को सम्मानित करते कुलपति प्रो. भरत मिश?
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चित्रकूट। महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में रविवार को ग्रामोदय महोत्सव का समापन हो गया। अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। तरह-तरह के नृत्यों व गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वालों को पुरस्कृत किया गया।
कृषि संकाय की छात्रा शिखा उनके सहपाठियों ने बिहू लोकनृत्य व डांडिया प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत जुड़वां बहनें अमृता व नमृता ने आदि कवि महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण को गीत की तरह सुनाया। शिव स्तुति शिखा राय व राजस्थानी नृत्य आकृति गौतम ने दिखाया।
बीएससी कृषि के देवांश व उनके साथियों ने हास्य कार्यक्रम में सभी को खूब हंसाया। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (बीएफए) के छात्र-छात्राओं ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन डॉ. विवेक फडनीस ने किया। क
ार्यक्रम का समापन करते हुए अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि मंच के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है। महिला सशक्तिकरण के लिए भी कार्यक्रम हुए।
महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भरत मिश्र ने कहा कि अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को अवसर उपलब्ध कराना उनका लक्ष्य है। शिक्षक व कर्मचारी ईमानदारी से कार्य करें। इस मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, सद्गुरु सेवा संघ के निदेशक डॉ. बीके जैन आदि मौजूद रहे।
ग्रामोदय महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राओं की टीम। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT