चित्रकूट। तेज आंधी के साथ बारिश होने से जिले में शहर समेत सैकड़ों गांव में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई थी। जिसमें दो दिन बाद भी 50 से अधिक गांवों में बिजली की आपूर्ति पटरी पर नहीं आयी है। इससे यहां के निवासी परेशान हैं। इतना जरूर है कि आधे शहर की आपूर्ति में काफी सुधार हो गया है।
शुक्रवार की रात आंधी के साथ लगातार दो घंटे से अधिक बारिश होने से कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए थे। बिजली की तार टूट गई थी। इससे शहर सहित सैकड़ों गांव की बिजली की आपूर्ति बंद हो गई थी। जिसमें से 50 गांवों में बिजली की आपूर्ति पटरी में नहीं आयी। इससे ग्रामीण परेशान हैं। खोही क्षेत्र के बालापुर माफी गांव के राजेश कुमार, सुरेश सिंह, संग्रामपुर गांव रोहित पटेल ने बताया कि पहली बारिश होते ही बिजली की आपूर्ति लडख़ड़ा गई। शुक्रवार की रात को जब से तेज आंधी के साथ बारिश हुई। बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। सुबह एक बार आधे घंटे के लिए आयी थी। इसके बाद फिर आपूर्ति बंद हो गई। सिद्धपुर बनाड़ी गांव के महेश प्रसाद ने बताया बारिश होते ही तीन से चार घंटे के लिए बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक सिंह ने बताया कि आंधी आने से कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए थे। इससे बिजली की आपूर्ति बंद हो गई थी। जिसको सही कर बिजली की आपूर्ति चालू कर दी है। कुछ गांवों में उपकरण खराब हो गए है। जहां कर्मचारी भेजकर सही कराया जा रहा है।
रातभर गांवों में बंद रही बिजली आपूर्ति
सदर ब्लाक के बिहारा, बालापुर माफी, बनाड़ी, बंदरकोल, बनवारीपुर, बारामाफी, बरकोर, बीरामाफी, भैसौंंधा, चकला गुरुबाबा, चकभूपत, चकमाली, बरमपुर, पहाड़ी ब्लाक के बरद्वारा, बेराउर, भदेदू, भानपुर, भटरी, भुइंहरी माफी, बिहरवा, वीर धुमाई, बूढ़ा, चांदी, चनहट व छछेरिहा खुर्द गांव में बिजली की आपूर्ति रातभर बंद रही।
पेयजल की समस्या भी जूझ रहे
चित्रकूट। बिजली की आपूर्ति बंद होने से पेयजल की समस्या भी ग्रामीण क्षेत्रों में हो गई है। अधिकतर गांवों मे नलकूप के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाती है। जब बिजली की आपूर्ति बंद होती है तो नलकूप नहीं चलते। बालपुर माफी गांव के राजेश पटेल ने बताया कि शनिवार की सुबह बिजली की आपूर्ति बंद होने से गांव में पानी की सप्लाई नहीं हुई। बरमपुर गांव के राकेश सिंह, महेश प्रसाद ने बताया दो दिनों से पानी की आपूर्ति समय से नहीं की जाती है। शनिवार को मात्र आधा घंटे पानी की आपूर्ति की गई। इससे लाइन लगाकर हैंडपंप में पानी भरना पड़ा।