फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में बिजली संकट

Sun, 02 Aug 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल में बिजली संकट के चलते मरीज बेहाल हैं। हाल ये है कि दो जेनरेटर होने के बाद भी उन्हें चलाया नहीं जाता। स्टाफ रूम में तो इंवर्टर से लाइट जलती रहती है लेकिन रात में वार्डों में मरीज मोमबत्ती के सहारे रहते हैं।    
विज्ञापन

जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि चिकित्सक समय पर उन्हें देखने नहीं आते। कछारपुरवा से आई सावित्री ने बताया कि रात में लाइट जाने पर अस्पताल में जेनरेटर नहीं चलता। इसके चलते अंधेरे में रहना पड़ता है। बाहर से मोमबती मंगवाई है ताकि कुछ रोशनी तो हो सके।
भौंरी की किरन ने बताया कि जेनरेटर न चलने से पंखे भी शोपीस बनकर रह जाते हैं। मच्छर काटने लगते हैं। मरीजों ने कहा कि स्टाफ को उनकी असुविधा से कोई मतलब नहीं है। मरीज गर्मी से बेहाल रहते हैं, वहीं स्टाफ रूम में इंवर्टर से पंखा और बत्ती जलती रहती है। इस संबध में सीएमएस से बात करनी चाही तो फोन नहीं उठा।
विज्ञापन

 हिदायत के बाद भी सुधार नहीं
कई बार अधिकारी अस्पताल का मुआयना कर व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दे चुके हैं लेकिन सुधार नजर नहीं आ रहा। सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने भी यहां के निरीक्षण के दौरान मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा था। कुछ दिन पूर्व यहां की व्यवस्था सुधारने को नगर पालिकाध्यक्ष की अध्यक्षता में सतर्कता समिति भी बनाई गई लेकिन अभी तक हकीकत में कुछ नजर नहीं आया।
खाना समय पर नहीं मिलता
अस्पताल में प्रसूता वार्ड में भर्ती निर्मला देवी निवासी तेजीपुर ने बताया कि वह यहां दो दिन से भर्ती हैं। खाना समय पर नहीं मिलता। नाश्ता और दूध तो मिलता ही नहीं है। सुनीता देवी निवासी खोह ने बताया कि सुना था दूध नाश्ता, खाना अस्पताल में मिलता है लेकिन दो दिन से कुछ नहीं मिल रहा। खाना भी समय पर नहीं आता, ऐसे में घर से खाना मंगवा रहे हैं।
विज्ञापन

वर्जन
यह सीएमएस के देखने की बात है। नए सीएमएस आए हैं, मैं उनसे बात करूंगा। ऐसा है तो उसमें सुधार करवाया जाएगा।
डा. केडी द्विवेदी, सीएमओ 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें