चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाले में आरोपी 70 वर्षीय राजकुमारी मौर्या को अदालत से झटका लगा है। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने उसकी द्वितीय अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
वरिष्ठ कोषाधिकारी की शिकायत पर 17 अक्तूबर 2025 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। ऑडिट में खुलासा हुआ था कि 2018 से 2025 के बीच 93 फर्जी पेंशनरों के नाम पर 43 करोड़ 13 लाख रुपये का गबन किया गया। आरोप है कि भंभेट निवासी पेंशनर राजकुमारी ने कोषागार कर्मचारियों से मिलकर एक जुलाई 2023 से 27 जनवरी 2025 के बीच चार किस्तों में 19.34 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
इस मामले में अधिवक्ता ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी अशिक्षित बुजुर्ग है और उन्हें फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है, अग्रिम जमानत भ्रष्ट आचरण के आरोपियों के लिए नहीं है। (संवाद)