चित्रकूट। धर्मनगरी में इन दिनों मंदाकिनी नदी उफान पर है, आए दिन बाढ़ आ रही है। वहीं घरों में नल सूखे पड़े हैं। चार दिन से नलों में पानी ही नहीं आ रहा है।
पेयजल संकट से परेशान करीब 50 हजार की आबादी पानी के लिए यहां-वहां भटक रही है। संवाद न्यूज एजेंसी ने शहर के पेयजल के इंतजामों की पड़ताल की तो पता चला कि ट्रीटमेंट प्लांट ही फेल हो चुका है।
असल में बाढ़ का गंदा पानी सीधे ट्रीटमेंट प्लांट में घुस गया है। इससे प्लांट फेल हो गया। 18 एमएलडी क्षमता वाला प्लांट मात्र पांच एमएलडी पानी ही साफ कर पा रहा है। यानी शहर को जितना पानी चाहिए, उसका एक तिहाई भी पानी साफ नहीं हो पा रहा है।
इससे पिछले चार दिनों से शहर की एसडीएम कॉलोनी, जगदीशगंज, कसहाई मार्ग, पहाड़ी मार्ग, मिशन मार्ग, एलआईसी तिराहा, प्रयागराज मार्ग, तरौंहा, पांडेय कॉलोनी समेत अन्य 10 से अधिक मोहल्ले में पानी नहीं आ रहा है।
इन मोहल्लों की आबादी 50 हजार से अधिक है। यहां पर करीब 30 हैंडपंप लगे हैं। इनमें कई खराब पड़े हैं। लोगों का कहना है कि नलों से या तो हवा आ रही है या फिर कहीं-कहीं कीचड़ वाला मटमैला पानी। जलापूर्ति ठप होने से लोग हैंडपंपों पर सुबह से ही पानी भरने के लिए लाइन लगा रहे हैं। जल्दबादी में महिलाओं में कहासुनी तक हो जाती है। वहीं कुछ मोहल्लों में जलापूर्ति हो रही है, इससे वहां के लोग खुश हैं।
टैंकरों से शुरू की जलापूर्ति
मंदाकिनी में बाढ़ के बाद नगर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति प्रभावित है। लाेग एक-एक बाल्टी पानी के लिए परेशान हैं। शिकायत के बाद टैंकरों के जरिये प्रभावित कई मोहल्लों में जलापूर्ति शुरू की गई लेकिन एक बार टैंकर भेजकर जिम्मेदार इतिश्री कर लेते हैं। कई मोहल्लों में टैंकर का नंबर तक नहीं लगता है।
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नगर को 15 एमएलडी पानी की आवश्यकता
नगर में मंदाकिनी किनारे बने ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 18 एमएलडी है। नगर को 15 एमएलडी पानी की ही आवश्यकता है लेकिन बाढ़ की वजह से पानी बहुत ही गंदा हो गया है। इससे ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का शोधन नहीं हो पा रहा है। इस समय मात्र पांच एमएलडी पानी ही शोधित हो पा रहा है, इससे नगरवासी परेशान हैं।
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बोले लोग-पहले से इंतजाम क्यों नहीं किए गए
हर साल बाढ़ आती है तो पहले से जलसंस्थान ने इंतजाम क्यों नहीं किए। करोड़ों का प्लांट फेल कैसे हो गया और जब तक मंदाकिनी का पानी साफ नहीं होगा, क्या तब लोग ऐसे ही परेशान रहेंगे।-बीपी सिंह
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कई दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। कभी कभार कुछ देर के लिए आया भी तो गंदा पानी आता है, जो न तो पीने लायक है और न ही नहाने लायक। इससे अच्छा तो नदी से ही भर कर ले आएं। - अमित कुमार
वर्जन
बाढ़ के बाद जलापूर्ति की समस्या हुई है। अब बाढ़ कम हो गई है। कुछ मोहल्लों में जलापूर्ति चालू हो गई है। अन्य में शाम तक चालू हो सकता है। -फरहत हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
फोटो 23 सीकेटीपी 03 राजाघाट के पास बना ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
फोटो 23 सीकेटीपी 03 राजाघाट के पास बना ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद