फोटो 28 सीकेटीपी-14- परिचय- बाजार में रंगीन व आकर्षक सजे रखे करवा। संवाद
चित्रकूट। करवा चौथ पर्व नजदीक आते ही जिले के कुम्हारों के घरों में चाक तेजी से घूमने लगी है। महिलाएं पूजा के लिए मिट्टी के करवे खरीदने बाजारों की ओर रुख कर रही हैं। शहर और कस्बों में करीब दो सौ परिवार इस पारंपरिक कारोबार से जुड़े हैं और इन दिनों पूरी तरह करवा निर्माण में व्यस्त हैं।
शंकर बाजार के खटकाना मोहल्ला, पुरानी बाजार, सीतापुर, राजापुर, मऊ, मानिकपुर, भरतकूप और शिवरापुर कस्बों में कुम्हार परिवार मिट्टी के करवा बना रहे हैं। कारीगर रमेश प्रजापति और राजाराम ने बताया कि करवा चौथ से लगभग एक माह पहले ही तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। पहले उपयुक्त मिट्टी और रंग लाया जाता है, फिर करवे बनाए जाते हैं। परिवार के सदस्य मिलकर रोजाना करीब 150 करवे तैयार करते हैं। एक माह में लगभग तीन हजार करवे बन जाते हैं। एक करवा तैयार करने में करीब 20 रुपये लागत आती है, जबकि बाजार में यह 25 से 30 रुपये में बिकता है। इस बार मिट्टी के करवे की मांग पहले की तुलना में ज्यादा है।
फोटो 28 सीकेटीपी-14- परिचय- बाजार में रंगीन व आकर्षक सजे रखे करवा। संवाद